Iran: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच अब रूस का खुला समर्थन सामने आने से पश्चिम एशिया की स्थिति और जटिल हो गई है। क्रेमलिन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि रूस ईरान के लिए हरसंभव कदम उठाने को तैयार है, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
Iran: पुतिन-अराघची मुलाकात के बाद बड़ा बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात के बाद कहा कि इस अस्थिर दौर में रूस के साथ उच्च स्तर की बातचीत अहम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पुतिन को युद्ध की ताजा स्थिति से अवगत कराया और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
शांति वार्ता पर अनिश्चितता बरकरार
ईरान-अमेरिका के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। पहले दौर की बातचीत 11-12 अप्रैल को हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। ऐसे में क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत फिलहाल कमजोर नजर आ रहे हैं।
Iran: रूस ने शांति के लिए मध्यस्थता की पेशकश की
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉस्को हरसंभव प्रयास करेगा ताकि स्थायी शांति स्थापित हो सके और संघर्ष दोबारा न बढ़े।
Iran: पुतिन ने की शांति स्थापित करने की वकालत
राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने ईरान के साथ बातचीत के दौरान कहा कि रूस पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए प्रयासरत रहेगा। वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस वार्ता को उपयोगी और रचनात्मक बताया।
Iran: कूटनीतिक दौरे और बढ़ती साझेदारी
अराघची ने रूस यात्रा से पहले पाकिस्तान और ओमान का दौरा भी किया था। पाकिस्तान में उन्होंने आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात की, जबकि ओमान में उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और शांति प्रयासों पर चर्चा की।
Iran: युद्ध की पृष्ठभूमि और बढ़ता तनाव
इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने भी सैन्य कार्रवाई की, जिससे यह टकराव पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। अब रूस के खुलकर समर्थन में आने से यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
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