by: vijay nandan
पाकिस्तान को लेकर भारत ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद और संवाद एक साथ संभव नहीं हैं। उन्होंने दो टूक कहा – “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।”
पाकिस्तान से सिर्फ POK पर बात होगी
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह की बातचीत तभी संभव है, जब पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह से खत्म करे। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत, पाकिस्तान से सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को खाली करने के मुद्दे पर ही चर्चा करेगा। कश्मीर पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता भारत को मंजूर नहीं है।
#WATCH | Delhi: On India declared two staffers of the Pakistan High Commission in New Delhi as 'persona non grata', MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "Pakistan High Commission staff members who have been conducting activities that are not in keeping with their official… pic.twitter.com/I1eFHWBm0x
— ANI (@ANI) May 22, 2025
सिंधु जल संधि पर बड़ा बयान
जायसवाल ने सिंधु जल समझौते के निलंबन पर बोलते हुए दोहराया, “पानी और खून साथ नहीं बह सकते। जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के अपने समर्थन से विश्वसनीय रूप से पीछे नहीं हटता, तब तक यह संधि स्थगित ही रहेगी।”
भारत ने सौंपे थे मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने कुछ साल पहले पाकिस्तान को कुख्यात आतंकवादियों की एक सूची सौंपी थी। अगर पाकिस्तान उनके प्रत्यर्पण पर बात करना चाहता है, तो भारत तैयार है। लेकिन जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से आतंक फैलाने की नीति नहीं छोड़ता, तब तक कोई सामान्य बातचीत नहीं हो सकती।
बहुपक्षीय मिशन से दुनिया तक पहुंचा रहे संदेश
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत का एक राजनीतिक मिशन दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज़ पहुंचाने में जुटा है। इस मिशन के तहत सात अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भेजे गए हैं, जिनमें से तीन रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि दुनिया आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ एकजुट हो और जो देश या लोग आतंकवाद को समर्थन दे रहे हैं, उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाए।”
#WATCH | Delhi: MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "We told Pakistan through the DGMO that we had exercised our right to respond under Operation Sindoor, so we told them (about the attack) after the incident." pic.twitter.com/8ZFvFZOK8q
— ANI (@ANI) May 22, 2025
पाकिस्तान की 40 साल पुरानी साजिशों को बेनकाब करना जरूरी
जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान पिछले चार दशकों से भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है। अब वक्त आ गया है कि उसके इन काले कारनामों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उन सभी हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए जो भारत की धरती पर किए गए हैं।
चीन-पाकिस्तान-अफगानिस्तान की त्रिपक्षीय बैठक पर भी टिप्पणी
चीनी धरती पर आयोजित पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा, “हमने इस पर कुछ रिपोर्ट देखी हैं, लेकिन इस पर टिप्पणी करना अभी उचित नहीं है।” वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत को लेकर उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई है।
इसके साथ ही, भारत ने उन कोशिशों को भी खारिज किया है जो झूठी खबरों के जरिए भारत और अफगानिस्तान के बीच अविश्वास फैलाने की मंशा रखते हैं।





