BY: Yoganand Shrivastva
उत्तर प्रदेश विधानसभा ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्य और मंत्री सुविधा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके तहत मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई है।
नया वेतन ढांचा
- मंत्रियों का वेतन: ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 प्रतिमाह
- विधायकों का वेतन: ₹25,000 से बढ़ाकर ₹35,000 प्रतिमाह
- विधायकों का चिकित्सा भत्ता: ₹30,000 से बढ़ाकर ₹45,000
- कुल मिलाकर, अब मंत्रियों को लगभग ₹2.76 लाख और विधायकों को ₹2.66 लाख प्रतिमाह मिलेंगे।
भत्तों में बदलाव
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000
- रेलवे कूपन सालाना ₹4.25 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख
- टेलीफोन भत्ता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000
- सचिव भत्ता ₹30,000 प्रतिमाह
- सदन/समिति बैठकों के दौरान भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रति दिन
- गैर-सत्र अवधि में सार्वजनिक सेवा हेतु भत्ता ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति दिन
पूर्व विधायकों की पेंशन
- न्यूनतम पेंशन ₹25,000 से बढ़ाकर ₹35,000 प्रतिमाह
- सैलरी और पेंशन में औसतन 40% वृद्धि
- नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगी
सरकार पर वित्तीय असर
वेतन और भत्तों में वृद्धि से राज्य सरकार पर सालाना ₹105.23 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार का कहना है कि 9 साल बाद यह संशोधन महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ी लागत को देखते हुए किया गया है, ताकि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में बेहतर सेवा दे सकें।