रिपोर्टर: संजू जैन
बेमेतरा: जिले के नगर पंचायत थान खम्हरिया के तहसील कार्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चालू सेप्टिक टैंक में गौ माता गिरकर मौत का शिकार हो गई। आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद तहसीलदार, नायब तहसीलदार और नगर पंचायत सीएमओ ने गौ माता को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि गौ माता की मृत्यु के बाद भी उसे सेप्टिक टैंक से बाहर नहीं निकाला गया, बल्कि उसी टैंक को सीमेंट-कंक्रीट से बंद कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।

गौ सेवकों का कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन
गौ सेवकों और गौ बजरंग दल के सदस्यों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया और बेमेतरा कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित अधिकारियों पर दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। गौ सेवकों का आरोप है कि यह सीधा-सीधा पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन है। जिम्मेदार अधिकारी संवेदनहीनता दिखाते हुए घटना को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। दोषियों पर तुरंत FIR दर्ज कर निलंबित किया जाए। गौ सेवक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत उचित कार्रवाई नहीं की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।





