MP Teacher E-Attendance : स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, डिजिटल होगी उपस्थिति व्यवस्था
MP Teacher E-Attendance : मध्यप्रदेश में 1 जुलाई 2026 से सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी शिक्षक ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसके साथ ही अवकाश संबंधी सभी प्रविष्टियां और आवेदन भी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाएंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगी। विभाग का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है।

MP Teacher E-Attendance : अधिकारियों और कर्मचारियों को भी करना होगा ई-अटेंडेंस का पालन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा। DPI, राज्य शिक्षा केंद्र, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालयों तथा प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ई-अटेंडेंस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। आयुक्त शिक्षा विभाग ने सभी कार्यालय प्रमुखों और संस्थान प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों का समय पर ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें और नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराएं। अब कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति के साथ-साथ अवकाश प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से पूरी करनी होगी।
MP Teacher E-Attendance : 90 प्रतिशत उपस्थिति नहीं तो ट्रांसफर में होगी परेशानी
स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस को शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण (ट्रांसफर) से भी जोड़ दिया है। विभागीय नियमों के अनुसार यदि किसी शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम पाई जाती है तो उसे स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और कार्य में लापरवाही पर अंकुश लगेगा। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।
MP Teacher E-Attendance : मुख्य बिंदु
1 जुलाई 2026 से ई-अटेंडेंस अनिवार्य।
‘हमारे शिक्षक’ ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति।
अवकाश आवेदन और रिकॉर्ड भी होंगे ऑनलाइन।
शिक्षकों के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम।
90 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर नहीं मिलेगा स्वैच्छिक ट्रांसफर का लाभ।
संस्थान प्रमुखों को पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

