Sehore River Beautification : सीवन नदी परियोजना में अनियमितता का आरोप
Sehore River Beautification : शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सीवन नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नदी के घाटों और किनारों को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे पेंचिंग (पिचिंग) कार्य में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिससे पूरे कार्य की मजबूती और उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

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Sehore River Beautification : कमजोर पत्थरों के उपयोग का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार पेंचिंग कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप मजबूत और टिकाऊ बोल्डर्स का उपयोग नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण में भुरभुरे और कमजोर पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो थोड़े से दबाव या पानी के बहाव में ही टूट सकते हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो बरसात के दौरान नदी का कटाव रोकने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा।
Sehore River Beautification : सीमेंट और कंक्रीट की गुणवत्ता पर भी सवाल
निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे कंक्रीट और मसाले की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि निर्धारित अनुपात में सीमेंट का उपयोग नहीं किया जा रहा है और उसकी जगह बारीक चूरी (डस्ट) का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पत्थरों की पकड़ कमजोर हो रही है और निर्माण की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
Sehore River Beautification : निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो नियमित तकनीकी निरीक्षण हो रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। इससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।
Sehore River Beautification : जांच और कार्रवाई की मांग
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग के साथ कार्य को दोबारा कराने की मांग भी उठाई गई है।
Sehore River Beautification : जनता में बढ़ रहा असंतोष
सीवन नदी शहर की पहचान और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण जलधारा मानी जाती है। ऐसे में सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य में अनियमितताओं के आरोपों ने स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और नगर पालिका की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाती है।

