Report by: Deepak Adhikari
Haldwani: उत्तराखंड की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल हल्द्वानी मंडी में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली की आजादपुर मंडी तक फल और सब्जियां पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टरों ने काम बंद कर दिया है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि दिल्ली सरकार द्वारा फल और सब्जियों पर ग्रीन सेस लगाए जाने से परिवहन लागत बढ़ गई है।
Haldwani: प्रत्येक गाड़ी पर बढ़ा अतिरिक्त खर्च
ट्रांसपोर्टरों के अनुसार अब प्रत्येक वाहन पर करीब 1500 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है। पहले यह शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अचानक ग्रीन सेस लागू होने से कारोबार प्रभावित हो गया है। इसी के विरोध में ट्रांसपोर्ट यूनियन ने हड़ताल का फैसला लिया है।
Haldwani: आजादपुर मंडी नहीं पहुंच रहा पहाड़ों का माल

वर्तमान समय में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में रसीले फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद हल्द्वानी मंडी पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रांसपोर्ट ठप होने के कारण यह माल देश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
Haldwani: किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान
फल और सब्जियों की सप्लाई रुकने से हल्द्वानी मंडी में दाम गिरने लगे हैं। स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि माल समय पर बाहर नहीं जा पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासकर जल्दी खराब होने वाले फलों और सब्जियों की चिंता बढ़ गई है।
Haldwani: जल्द समाधान की मांग
ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से ग्रीन सेस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस टैक्स को वापस नहीं लिया जाता या राहत नहीं दी जाती, तब तक हड़ताल जारी रह सकती है। वहीं किसान और व्यापारी भी जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि मंडी का कारोबार सामान्य हो सके।
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