Gorakhpur उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर के प्रवास के दौरान एक बार फिर आम जनता से सीधा संवाद किया। शुक्रवार, 22 मई 2026 को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दूर-दराज से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। इस दौरान उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि उनके रहते किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर पीड़ित की समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
Gorakhpur हर फरियादी तक खुद पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रार्थना पत्र लेकर बढ़ाया ढाढस
Gorakhpur गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में आयोजित इस जन-सुनवाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद एक-एक कर सभी फरियादियों की कुर्सियों तक पहुंचे। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए और मौके पर ही समस्याओं के स्वरूप को समझा।
संवेदनशील रुख: गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने आए मरीजों और जमीन संबंधी विवादों से परेशान बुजुर्गों व महिलाओं की बात को मुख्यमंत्री ने विशेष प्राथमिकता दी।
दिलाया भरोसा: सीएम ने पीड़ितों से कहा कि इलाज में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और शासन स्तर से त्वरित वित्तीय मदद जारी की जाएगी।
Gorakhpur अधिकारियों को दो टूक: लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जनता दर्शन में आए आवेदनों को मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सौंपते हुए कड़ी हिदायत दी। उन्होंने जन-समस्याओं के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:
प्राथमिकता के आधार पर हो काम: सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ जन-शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान करें। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, हीलाहवाली या फरियादियों को परेशान करने का मामला सामने आया, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को भी निर्देशित किया कि जमीनी विवादों और आपराधिक मामलों में निष्पक्ष जांच कर अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।