BY
Yoganand Shrivastava
Shamli कैराना से समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार सांसद इकरा हसन एक बड़े कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और हंगामा करने के आरोप में इकरा हसन समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह पूरा विवाद शामली के जसाला गांव के एक युवक की मौत के बाद उपजे जनाक्रोश और प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।

Shamli डीआईजी दफ्तर के बाहर चक्काजाम करने का आरोप
दरअसल, जसाला गांव के रहने वाले कश्यप समाज के युवक मोनू की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल था। इसी मामले को लेकर सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ 19 मई को दोपहर करीब सवा दो बजे डीआईजी कार्यालय पहुँची थीं। आरोप है कि इस दौरान सांसद और उनके समर्थकों ने कार्यालय के सामने मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Shamli पुलिस की चेतावनी को किया अनसुना, सरकारी काम में बाधा
सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट (तहरीर) के मुताबिक, जब सिविल लाइन चौकी पुलिस और ट्रैफिक टीम ने मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, तो वे नहीं माने। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ हंगामा जारी रखा बल्कि ट्रैफिक सुचारू करने में भी बाधा उत्पन्न की। पुलिस का कहना है कि इस कृत्य से सरकारी कार्य में सीधे तौर पर रुकावट पैदा हुई।

Shamli इकरा हसन समेत 7 नामजद और 25 अज्ञात पर मुकदमा
इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल सिंह सहित कुल 7 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 20 से 25 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191 (2), 221, 132 और 126 (2) के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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