Bhopal ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन: एमपी सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश, रिटायर्ड जस्टिस गिरिबाला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

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Bhopal मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में न्याय की दिशा में एक बहुत बड़ा मोड़ आया है। घटना की संवेदनशीलता और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। इसके साथ ही, मृतका की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश (Retired Justice) गिरिबाला सिंह की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई ट्विशा के मायके पक्ष द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और प्रशासनिक दबाव के आरोपों के बाद सामने आई है।

Bhopal पद से हटाने की कवायद शुरू, फरार पति की अग्रिम जमानत पर आज फैसला

Bhopal ट्विशा के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद आरोपी सास गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से बेदखल करने की कानूनी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में पिछले 10 दिनों से कानून की नजरों से फरार चल रहे ट्विशा के पति समर्थ (जिस पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। समर्थ की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका पर आज शुक्रवार को हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।

Bhopal सास की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचेगा पीड़ित परिवार

ट्विशा के पिता और उनका परिवार भी आज उच्च न्यायालय में अपनी याचिका दायर करने जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है। परिवार अपनी याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखेगा:

  • जमानत निरस्त करने की मांग: आरोपी सास गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को तुरंत रद्द किया जाए।
  • साक्ष्यों की सुरक्षा: मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित (Secure) किया जाए ताकि रसूख के बल पर उनसे छेड़छाड़ न हो सके।

Bhopal ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक कब क्या हुआ?

इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए सिलसिलेवार तारीखों पर नजर डालना जरूरी है, जो इस प्रकार हैं:

ट्विशा की संदिग्ध मौत

12 मई 2026

ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ, जिससे हड़कंप मच गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

13 मई 2026

शव परीक्षण (Post-Mortem) की रिपोर्ट सामने आई, जिसमें फंदे से लटकने (फांसी) के कारण मौत होने की पुष्टि हुई।

पति और सास पर एफआईआर

15 मई 2026

मायके पक्ष के बयानों और प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने

18 मई 2026

घटना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया, जिसमें मृतका ट्विशा छत की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही हैं।

पति पर इनाम की घोषणा

19 मई 2026

लगातार फरार रहने और जांच में सहयोग न करने पर पुलिस ने आरोपी पति समर्थ पर 30,000 रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया।

CBI की सिफारिश और विभागीय जांच

22 मई 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की। साथ ही रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की शुरुआत हुई।

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