US ने भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, जितनी भारत खरीदना चाहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार बातचीत जारी है।
मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है। ऐसे में भारत जैसे बड़े साझेदार देश के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाना दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
US: 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे रुबियो
मार्को रुबियो 23 मई से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनका नई दिल्ली के अलावा कोलकाता, आगरा और जयपुर जाने का कार्यक्रम है। यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिकी ऊर्जा स्रोतों को अपने आयात पोर्टफोलियो में अधिक जगह दे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी भारत और अमेरिका के बीच संभावनाएं मौजूद हैं।
US: वेनेजुएला के तेल को लेकर भी दिखी संभावना
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी बातचीत की संभावनाएं हैं और भविष्य में यह सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
रुबियो ने यह भी माना कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को संतुलित तरीके से संभालने की कोशिश की है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।
US: भारत को बताया मजबूत साझेदार
भारत-अमेरिका संबंधों की सराहना करते हुए रुबियो ने भारत को अमेरिका का मजबूत सहयोगी और भरोसेमंद साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश कई रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
रुबियो ने कहा, “भारत हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। हम दोनों देश मिलकर कई सकारात्मक पहल पर काम कर रहे हैं और यही वजह है कि यह यात्रा हमारे लिए काफी अहम है।”
US: नई दिल्ली में होगी QUAD देशों की बैठक
अपने बयान में रुबियो ने यह भी जानकारी दी कि नई दिल्ली में QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बड़ी बैठक भी QUAD देशों के साथ हुई थी और अब भारत में फिर से इस मंच की बैठक होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
QUAD समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से काम करता है।
US: वेनेजुएला की राष्ट्रपति भी आ सकती हैं भारत
रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकती हैं। अगर यह यात्रा होती है तो भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
अमेरिका का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा मांग और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा को लेकर लगातार नए विकल्प तलाश रहा है।
read also: PM Modi ने मंत्रियों को दिए काम तेजी से निपटाने के निर्देश, बोले- 2047 विकसित भारत हमारा संकल्प





