BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर | गजराराजा मेडिकल कॉलेज के रविशंकर शुक्ल जूनियर बॉयज हॉस्टल में सोमवार रात प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्र यशराज उइके (21 वर्ष) की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। बैतूल जिले के रानीपुर घोड़ा डोंगरी निवासी यशराज करीब 20 दिन पहले ही ग्वालियर आया था। सोमवार रात वह हॉस्टल की पहली मंजिल से नीचे गिरा और देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना रात करीब 9:45 बजे की बताई जा रही है। यशराज का रूम पार्टनर प्रवीण सहरिया कमरे के अंदर था, जबकि यशराज बाहर खुले हिस्से में था। अचानक गिरने की आवाज सुनकर नीचे मौजूद गार्ड मौके पर पहुंचे, जहां छात्र अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल जेएएच ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गहरी अंदरूनी चोटों के कारण रात 12:45 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतक की बहन सुषमा, जो पेशे से नर्स हैं, ने कहा कि यह हादसा नहीं बल्कि संदिग्ध मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाई ऊंचाई से गिरा था, तो उसके शरीर से खून क्यों नहीं निकला। उनका कहना है कि यशराज आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता।
पुलिस ने छात्र के कमरे और हॉस्टल परिसर की जांच की, जहां से यशराज का मोबाइल छत पर मिला। पुलिस को रैगिंग की आशंका भी लग रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मामला आत्महत्या, हादसा या कुछ और है। सभी एंगल से जांच की जा रही है और रूम पार्टनर सहित अन्य छात्रों से पूछताछ जारी है।
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने कहा कि छात्र की मौत गिरने से हुई है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई थी। यदि जांच में रैगिंग या किसी तरह का दबाव सामने आता है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।मामले ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और रैगिंग रोकने के उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।





