Report: Arvind Chouhan
Gwalior Cyber Fraud Cases मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से पैर पसार रहा है। ठगों ने आम जनता को चूना लगाने के लिए शेयर मार्केट में निवेश, बैंक केवाईसी (KYC) अपडेट और क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं को अपना नया हथियार बनाया है। शहर में डिजिटल सुरक्षा की स्थिति कितनी चिंताजनक हो चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक दिन के भीतर साइबर जालसाजी के रिकॉर्ड 8 मामले सामने आए हैं। इन वारदातों में शहरवासियों को करीब 20 लाख 54 हजार रुपये की भारी-भरकम चपत लगाई गई है।
Gwalior Cyber Fraud Cases कहीं फेसबुक पर दोस्ती, तो कहीं मोबाइल हैक कर लगाई चपत
साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए अलग-अलग और बेहद शातिर हथकंडे अपनाए। एक मामले में फेसबुक पर दोस्ती गांठकर एक कारोबारी को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया गया और देखते ही देखते उनसे 8.20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। वहीं अन्य मामलों में शातिरों ने मोबाइल हैक करके और लोगों को डराकर उनके बैंक खातों में सेंधमारी की।
Gwalior Cyber Fraud Cases ठगी का पूरा लेखा-जोखा
| ठगी का प्रकार / झांसा | ठगी गई राशि (रुपये में) |
| ट्रेडिंग में बंपर मुनाफे का लालच | ₹8.20 लाख |
| रिमोट ऐप के जरिए मोबाइल हैक (2 मामले) | ₹4.82 लाख |
| बुजुर्ग से पेंशन कार्ड अपडेट कराने का झांसा | ₹2.45 लाख |
| डेबिट/क्रेडिट कार्ड का पिन बदलने के दौरान | ₹1.68 लाख |
| बैंक एकाउंट का KYC अपडेट करने के नाम पर | ₹1.84 लाख |
| क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर | ₹1.09 लाख |
| क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाकर | ₹1.00 लाख |
| कुल मिलाकर 1 दिन की ठगी | ₹20.54 लाख लगभग |
Gwalior Cyber Fraud Cases फर्जी अधिकारी और बैंक कर्मचारी बनकर जीतते हैं भरोसा
Gwalior Cyber Fraud Cases ग्वालियर के सीएसपी मनीष यादव ने इस बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए बताया कि ठग बेहद प्रोफेशनल तरीके से व्हाट्सएप कॉल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के जरिए जाल बिछाते हैं। ये अपराधी खुद को प्रतिष्ठित बैंकों के कर्मचारी, निवेश सलाहकार या सरकारी विभागों के प्रतिनिधि के तौर पर पेश करते हैं। बातों-बातों में ये लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर लिंक पर क्लिक करवाकर या ओटीपी (OTP) पूछकर पलक झपकते ही पूरा खाता खाली कर देते हैं।
Gwalior Cyber Fraud Cases पुलिस की सख्त हिदायत: ‘गोल्डन ऑवर’ में करें 1930 पर कॉल
बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। सीएसपी मनीष यादव ने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित बातें साझा की हैं:
सुरक्षा मंत्र: कभी भी किसी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी, पिन या ओटीपी नहीं मांगता। यदि आप किसी झांसे में आकर साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जाएं। शुरुआती एक-दो घंटे (गोल्डन ऑवर) में शिकायत होने पर बैंक खातों को ब्लॉक कर रकम रिकवर होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।





