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Gold-Silver Rate: कीमतों में बड़ी गिरावट – चांदी ₹28 हजार सस्ती, सोना ₹3 हजार टूटा

Gold Silver Rate

Gold-Silver Rate: गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार दो दिन की तेजी के बाद बुधवार (5 फरवरी) को तेज गिरावट देखने को मिली। वायदा बाजार (MCX) में चांदी करीब ₹28,000 (लगभग 11%) टूटकर ₹2.40 लाख प्रति किलो पर आ गई। वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत भी लगभग ₹3,000 (करीब 2%) गिरकर ₹1.50 लाख के स्तर पर आ गई। इससे पहले 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच चांदी ₹1.60 लाख और सोना ₹26,000 तक सस्ता हो चुका था। सर्राफा बाजार के आधिकारिक दाम दोपहर 12 बजे जारी किए गए।

Gold-Silver Rate: सर्राफा बाजार में क्या हैं आज के दाम?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सर्राफा बाजार में आज चांदी ₹30,230 गिरकर ₹2,52,232 प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं, 24 कैरेट सोना ₹3,613 टूटकर ₹1,53,012 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली के कारण आई है।

Gold-Silver Rate

MCX और सर्राफा बाजार के भाव अलग क्यों?

MCX (वायदा बाजार):

  • यह एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
  • यहां शेयर बाजार की तरह हर सेकंड खरीद-बिक्री होती है।
  • इसलिए कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव रहता है।

सर्राफा बाजार:

  • यहां फिजिकल सोना-चांदी खरीदा-बेचा जाता है।
  • इसमें ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और अन्य खर्च जुड़े होते हैं।
  • इसलिए दाम MCX से अलग होते हैं।
Gold-Silver Rate

गिरावट के दो बड़े कारण

1. प्रॉफिट बुकिंग:
हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। ऐसे में निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूला, जिससे दाम नीचे आए।

2. फिजिकल डिमांड में कमी:
ऑल-टाइम हाई के बाद मांग कमजोर पड़ी। साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंता बढ़ी, जिससे चांदी पर दबाव बना।

Gold-Silver Rate: मार्जिन बढ़ने से बढ़ा दबाव

सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने-चांदी पर मार्जिन बढ़ा दिया है:

  • सोने का मार्जिन: 6% → 8%
  • चांदी का मार्जिन: 11% → 15%

मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा जमा करना होगा। जिनके पास तुरंत नकदी नहीं होती, वे अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।

Gold-Silver Rate: आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़े हुए मार्जिन और कमजोर मांग के चलते फिलहाल सोने-चांदी में दबाव बना रह सकता है। हालांकि, वैश्विक बाजार और महंगाई के आंकड़े आने वाले दिनों में दिशा तय करेंगे।