गरियाबंद में जनप्रतिनिधियों की भूख हड़ताल, वनांचल क्षेत्र की उपेक्षा पर जताया विरोध
गरियाबंद, 5 जून 2025 — छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा से नाराज़ होकर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। यह हड़ताल मैनपुर वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर की जा रही है, जहाँ आज भी सड़क, बिजली, पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
हड़ताल से प्रशासन में हड़कंप
जैसे ही भूख हड़ताल की सूचना प्रशासन को मिली, मैनपुर एसडीएम पंकज डहरे और एसडीओपी विकास पाटले मौके पर पहुंचे और हड़ताल पर बैठे जनप्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम ने प्रशासन की अपील ठुकरा दी और कहा:
“हम तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारे वनांचल क्षेत्र की जनता को उनका हक नहीं मिल जाता।”
लंबे समय से लंबित हैं समस्याएं
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि:
मैनपुर वनांचल क्षेत्र की हज़ारों की आबादी आज भी कच्ची सड़कों और अंधेरे में जीने को मजबूर है।
कई गांवों में आज तक बिजली नहीं पहुंची, और बरसात के दिनों में पुल-पुलिया के अभाव में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
राज्य सरकार को कई बार ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आदिवासी बहुल क्षेत्र की आवाज़
यह क्षेत्र आदिवासी बहुल है, और यहां की जनता वर्षों से विकास की राह देख रही है। संजय नेताम ने कहा कि यह भूख हड़ताल सिर्फ विरोध नहीं बल्कि एक ‘आखिरी उम्मीद’ है, जिससे शासन-प्रशासन की नींद टूटे और वनांचल क्षेत्र में भी विकास की किरण पहुंचे।
क्या कहता है प्रशासन?
एसडीएम पंकज डहरे ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांगों को लेकर शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और संबंधित विभागों से समन्वय कर समस्याओं के निराकरण के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।





