रिपोर्ट- प्रशांत जोशी BY- ISA AHMAD
कांकेर। नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ पूरे देश में मनाया जा रहा है। कांकेर में भी हर साल की तरह इस वर्ष भी गुजराती समाज विकास मंडल द्वारा गरबा नृत्य का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर मां अम्बे की आराधना कर रहे हैं। गरबा नृत्य की रंगीन छटा ने पूरे माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया है।
मां दुर्गा के स्वरूपों की आराधना
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। आज पंचमी तिथि के अवसर पर मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की गई। देवी को यह नाम उनके पुत्र भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां स्कंदमाता की आराधना करने से साधक को न केवल सांसारिक सुख-समृद्धि प्राप्त होती है, बल्कि दिव्य ज्ञान और उत्तम स्वास्थ्य का भी आशीर्वाद मिलता है।
भक्तिमय वातावरण
गरबा नृत्य के दौरान डांडिया की ताल और मां अम्बे के भजनों की गूंज ने पूरे आयोजन स्थल को भक्ति से सराबोर कर दिया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे रंग-बिरंगी वेशभूषा में गरबा नृत्य में शामिल होकर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर रहे हैं।
कांकेर में आयोजित यह गरबा उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी देता है।





