धरमजयगढ़ वन मंडल में एक दिल को छू लेने वाला दृश्य सामने आया, जहां एक नन्हा हाथी अपनी मां से बिछुड़कर जोर-जोर से आवाज लगा रहा था। एलिफेंट ट्रैकर ने तुरंत वन अमले को सूचित किया, जिसके बाद 6 घंटे की कड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन का विवरण
शनिवार की सुबह जमाविरा जंगल में एक नन्हा हाथी अपनी मां से बिछुड़ गया। एलिफेंट ट्रैकर ने वन अमले को सूचित किया, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। धरमजयगढ़ DFO अभिषेक जोगावत, एसडीओ बाल गोविंद साहू और समस्त वन अमला ने मिलकर बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया।
वन अमले की तत्परता
वन अमला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चे की जान बचाई। इस दौरान बच्चे ने इंसानों के साथ समय बिताया और अपने परिवार की तरह समझने लगा, जो एक मार्मिक दृश्य था। वन अमले की इस सफलता ने क्षेत्र में हाथियों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रयास
वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है। इस घटना से वन विभाग की कार्यशैली और वन्यजीवों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का पता चलता है।





