रिपोर्ट: इम्तियाज अंसारी
Madhupur Municipal Council Land Dispute झारखंड के देवघर जिले के अंतर्गत आने वाले मधुपुर में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी व विवादित भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के प्रयास को अनुमंडल प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी के साथ नाकाम कर दिया है। मधुपुर के भेड़वा मौजा स्थित प्लॉट संख्या 575 की कीमती जमीन पर एक पक्ष द्वारा की जा रही घेराबंदी (बाउंड्रीवॉल) के कार्य को प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रुकवा दिया। इस जमीन पर मधुपुर नगर परिषद और स्थानीय रैयत दोनों अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं, जिसके चलते विवाद काफी गहरा गया है।
Madhupur Municipal Council Land Dispute कोर्ट में चल रहा है केस, फिर भी शुरू कर दिया निर्माण कार्य
मिली जानकारी के मुताबिक, भेड़वा मौजा की लगभग 20 डिसमिल बेशकीमती जमीन पर समीर यादव एवं उनके सहयोगियों द्वारा अचानक घेराबंदी का कार्य शुरू करा दिया गया था। चूंकि इस भूमि पर मधुपुर नगर परिषद भी अपना मालिकाना हक जताती है और यह मामला फिलहाल न्यायालय (कोर्ट) में विचाराधीन है, इसलिए निर्माण कार्य शुरू होते ही प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया।
Madhupur Municipal Council Land Dispute भारी लाव-लश्कर के साथ पहुंचे प्रभारी SDO, CO और कार्यपालक पदाधिकारी
मौके पर पहुंचे अफसर: विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी एसडीओ (SDO) सह कार्यपालक दंडाधिकारी विनय कुमार पांडेय, एसडीपीओ (SDPO) सत्येन्द्र प्रसाद, अंचलाधिकारी (CO) यामुन रविदास तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुरेन्द्र किस्कू भारी पुलिस बल के साथ सीधे घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने का अल्टीमेटम दिया।
Madhupur Municipal Council Land Dispute कोर्ट के फैसले तक नो-कंस्ट्रक्शन जोन, यथास्थिति बनाए रखने के आदेश
Madhupur Municipal Council Land Dispute प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विनय कुमार पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस विवादित भूमि पर अदालत का कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी भी पक्ष को जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा, निर्माण या व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, घेराबंदी करा रहे दूसरे पक्ष ने भी अपनी जमीन से जुड़े दावों और दस्तावेजों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में जमीन विवाद को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।





