Report: Vandna Rawat
Yogi Govt Cashless Medical Facility उत्तर प्रदेश की शिक्षा और पोषण व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने वाले मैदानी कर्मियों के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। सरकार अब परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना से जुड़े हजारों रसोइयों व विद्यालयी कर्मियों सहित उनके परिवारों को ‘कैशलेस चिकित्सा सुविधा’ का बड़ा तोहफा देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘कर्मयोगी कल्याण’ नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Yogi Govt Cashless Medical Facility इन सभी कर्मियों और उनके परिवारों को मिलेगा ‘स्वास्थ्य सुरक्षा कवच’
शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस जनकल्याणकारी योजना के दायरे में निम्नलिखित कर्मियों को शामिल किया गया है:
- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी।
- परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित (Aided) एवं स्ववित्त पोषित (Self-Financed) स्कूलों के कर्मी।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत स्टाफ।
- प्रदेशभर के शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN अनुदेशक) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में भोजन बनाने वाले हजारों रसोइया और उनके परिवार के सदस्य।
Yogi Govt Cashless Medical Facility सुगम पंजीकरण के लिए 4 जून को आयोजित होगा विशेष प्रशिक्षण
Yogi Govt Cashless Medical Facility इस स्वास्थ्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया को बेहद सरल व सुगम बनाने के लिए कल यानी 4 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, लखनऊ में आयोजित होगा, जिसमें संबंधित विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
Yogi Govt Cashless Medical Facility सभी जिलों में तैनात होंगे नोडल अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ेंगे कर्मी
योजना को बिना किसी त्रुटि के समय सीमा के भीतर लागू करने के लिए सभी जिलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक जनपद से संबंधित अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को नोडल अधिकारी (Node Officers) के रूप में नामित किया जाएगा, जिनकी इस प्रशिक्षण में उपस्थिति अनिवार्य होगी। दूर-दराज के जिलों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को ‘वर्चुअल’ (ऑनलाइन) माध्यम से भी जोड़ा गया है, ताकि हर जिले की टीम सीधे ट्रेनिंग का हिस्सा बन सके।
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