फ्रांसीसी पर्यटक से दुष्कर्म मामले में दोषियों को नहीं मिली राहत, Pakistan हाईकोर्ट ने बरकरार रखी मौत की सजा

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
https://swadeshlive.com/pakistan-rape-case-verdict/

Pakistan: पाकिस्तान की एक उच्च अदालत ने फ्रांसीसी महिला पर्यटक के साथ हुए चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों की मौत की सजा को बरकरार रखा है। अदालत के इस फैसले के बाद वर्षों से चर्चा में रहे इस मामले में दोषियों को मिली सजा कायम रहेगी। यह घटना उस समय हुई थी जब महिला अपने बच्चों के साथ यात्रा कर रही थी और रास्ते में वाहन में ईंधन खत्म होने के कारण मदद का इंतजार कर रही थी।

Pakistan: हाईकोर्ट ने खारिज की दोषियों की अपील

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में दोषी करार दिए गए आबिद अली और शफकत अली ने आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए लाहौर हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। दोनों को दुष्कर्म, अपहरण, लूटपाट और अन्य गंभीर अपराधों का दोषी ठहराया गया था।

लाहौर हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा गया है।

Pakistan: सुनसान हाईवे पर हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात

यह मामला सितंबर 2020 का है। फ्रांसीसी मूल की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ सियालकोट-लाहौर मोटरवे से यात्रा कर रही थी। देर रात यात्रा के दौरान उनकी कार का ईंधन समाप्त हो गया, जिसके कारण परिवार सड़क किनारे फंस गया।

महिला अपने बच्चों के साथ वाहन के भीतर रहकर सहायता का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान दो हमलावर वहां पहुंचे और कथित रूप से वाहन को नुकसान पहुंचाकर महिला को जबरन बाहर ले गए। आरोप है कि आरोपियों ने बच्चों के सामने ही महिला के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया और बाद में उसके कीमती सामान तथा नकदी भी लूट ली।

Pakistan: जांच में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की अहम भूमिका

घटना के बाद जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल फोन डेटा, लोकेशन रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद ली गई।

अधिकारियों को मिले डीएनए साक्ष्यों और अन्य सबूतों ने आरोपियों की पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में पीड़िता ने भी आरोपियों की पहचान की थी। जांच के दौरान एक आरोपी द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष अपराध स्वीकार करने की बात भी सामने आई थी।

Pakistan: 2021 में सुनाई गई थी मौत की सजा

मार्च 2021 में आतंकवाद-रोधी अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने इसके साथ अन्य गंभीर धाराओं में भी सजा निर्धारित की थी। यह मामला पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस का विषय बना था।

घटना के बाद देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कई मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक समूहों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

Pakistan: फैसले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ विदेशी राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों ने अदालत के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों का मानना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

Pakistan: महिलाओं की सुरक्षा पर फिर शुरू हुई बहस

इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर अपराध और न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता को लेकर बहस को तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग और समयबद्ध न्याय व्यवस्था अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोषियों की मौत की सजा बरकरार है और यह मामला पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े चर्चित मामलों में शामिल हो गया है।

read also: Kuwait एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में भारतीय नागरिक की मौत, कई घायल; भारत ने की कड़ी निंदा

Haldwani Recycling Initiative: हल्द्वानी नगर निगम की अनोखी रीसाइक्लिंग पहल

Haldwani Recycling Initiative: प्लास्टिक कचरा जमा करने पर मिलेगा कैश रिफंड, शहर