PM Modi: नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को अधिक भरोसेमंद, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस सुझाव देना और आधुनिक तकनीक के जरिए इसे अधिक सुरक्षित बनाना है।
PM Modi: परीक्षा सुधारों पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में परीक्षा सुधारों को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार पहले ही फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था कर चुकी है और संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून लाने की दिशा में भी काम जारी है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi shares a video and says, "High Powered Task Force on examination reforms under the leadership of Nandan Nilekani constituted."
— ANI (@ANI) July 26, 2026
(Source: PM Modi/'X') pic.twitter.com/brIoEIGsYB
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी, जो पूरी तरह विश्वसनीय, पारदर्शी और अत्याधुनिक तकनीक से लैस हो। उनका कहना था कि छात्रों का विश्वास बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
PM Modi: नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनी हाई पावर टास्क फोर्स
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक मल्टी-डिसिप्लिनरी हाई पावर टास्क फोर्स बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक और तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे।
यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, पारदर्शिता, डिजिटल तकनीक के उपयोग और संचालन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। साथ ही NTA की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने पर भी काम करेगी।
PM Modi: टास्क फोर्स में शामिल किए गए प्रमुख विशेषज्ञ
सरकार ने इस समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया है, ताकि परीक्षा प्रणाली के हर पहलू पर व्यापक सुधार किया जा सके। समिति में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—
- नंदन नीलेकणि – अध्यक्ष और तकनीकी विशेषज्ञ
- इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व निदेशक तपन डेका
- आईआईटी मद्रास (चेन्नई) के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी
- पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
- लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
सरकार का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का अनुभव परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
PM Modi: टास्क फोर्स का उद्देश्य क्या होगा?
हाई पावर टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जिससे पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। समिति डिजिटल तकनीक, डेटा सुरक्षा, परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र की सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों की निगरानी जैसे विषयों पर भी सुझाव देगी।
इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत करने के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर रहेगा।
PM Modi: कौन हैं नंदन नीलेकणि?
नंदन मोहनराव नीलेकणि देश के प्रमुख उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 2 जून 1955 को बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
वे इंफोसिस के सह-संस्थापक हैं और भारत के आईटी क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तकनीक और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उनके योगदान को देश और दुनिया में व्यापक पहचान मिली है।
PM Modi: इंफोसिस को वैश्विक पहचान दिलाने में निभाई अहम भूमिका
नंदन नीलेकणि ने वर्ष 1981 में एन. आर. नारायण मूर्ति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की। बाद में वे वर्ष 2002 से 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने इंफोसिस के चेयरमैन का दायित्व भी संभाला।
उनके नेतृत्व में इंफोसिस भारत की अग्रणी आईटी कंपनियों में शामिल हुई और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
PM Modi: आधार परियोजना के पीछे भी रही अहम भूमिका
वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नंदन नीलेकणि को कैबिनेट रैंक के साथ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में आधार परियोजना को विकसित किया गया, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली माना जाता है।
आज आधार देश की डिजिटल शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने, पहचान सत्यापन को आसान बनाने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में इसकी बड़ी भूमिका है।
PM Modi: डिजिटल इंडिया और यूपीआई को मजबूत बनाने में भी रहा योगदान
नंदन नीलेकणि ने केवल आधार परियोजना ही नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था और यूपीआई जैसे तकनीकी ढांचे को बढ़ावा देने में उनके सुझावों और अनुभव को महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी तकनीकी अनुभव को देखते हुए सरकार ने अब परीक्षा प्रणाली में सुधार और आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग के लिए उन्हें हाई पावर टास्क फोर्स की जिम्मेदारी सौंपी है।
PM Modi: परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि टास्क फोर्स की सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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