BY
Yoganand Shrivastava
Kailash Vijayvargiya Statement केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन शुरू होने के शुरुआती चरण में ही धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। हालांकि उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने की सलाह दी थी। विजयवर्गीय के अनुसार बाद में परिस्थितियों को देखते हुए संगठन ने निर्णय लिया, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया।
Kailash Vijayvargiya Statement इस्तीफे से अस्थिरता फैलाने की कोशिशें हुईं विफल: विजयवर्गीय
Kailash Vijayvargiya Statement कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन तत्वों की योजनाएं विफल हो गईं, जो देश में अस्थिरता और हिंसा का माहौल पैदा करना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी शक्तियां भारत में अशांति फैलाने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन समय पर लिए गए निर्णय से ऐसे प्रयास सफल नहीं हो सके। विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले की सराहना करते हुए इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बताया।
Kailash Vijayvargiya Statement कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल आंदोलनों का समर्थन कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करती है। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल आंदोलनकारियों के पीछे खड़े होकर श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, जबकि वास्तविक संघर्ष में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को लेकर भी कांग्रेस ने इसी तरह की राजनीति की है।
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उससे जुड़े राजनीतिक बयानों पर विभिन्न दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।
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