Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के गुरुवार को केरल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए सभी मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि केरल में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
Monsoon: मॉनसून के आगमन के लिए अनुकूल बने हालात
मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष मॉनसून के मई के अंतिम सप्ताह में केरल पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई थी, लेकिन अरब सागर में विकसित हुई कुछ मौसमीय परिस्थितियों के कारण इसकी गति प्रभावित हुई। अब परिस्थितियां सामान्य होने के बाद मॉनसून के केरल तट पर पहुंचने की संभावना मजबूत हो गई है।
Monsoon: कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मॉनसून के प्रवेश के साथ ही केरल के विभिन्न क्षेत्रों में अगले 5 से 7 दिनों तक तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मलप्पुरम, कोझीकोड और वयनाड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य के अन्य अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Monsoon: अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के आठ जिलों और शुक्रवार को सात जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है। 6 जून तक केरल के अधिकांश हिस्सों में लगातार वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। प्रशासन ने निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Monsoon: तमिलनाडु और कर्नाटक में भी बढ़ेगा बारिश का असर
केरल के साथ-साथ दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में आगामी 6 से 7 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्री गतिविधियों के बढ़ने की संभावना को देखते हुए मछुआरों और समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
Monsoon: खरीफ सीजन की तैयारियों को मिलेगा बल
मॉनसून की शुरुआत के साथ ही देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई से जुड़ी गतिविधियां तेज होने लगेंगी। कृषि क्षेत्र के लिए मॉनसून का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा जलाशयों में जल संग्रहण, पेयजल उपलब्धता और बिजली उत्पादन पर भी मॉनसून का सीधा प्रभाव पड़ता है।
ऐसे में किसानों से लेकर नीति निर्माताओं तक सभी की नजर इस वर्ष मॉनसून की प्रगति और वर्षा की स्थिति पर बनी हुई है। समय पर और संतुलित बारिश देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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