Reporter: Chandrakant Pargir, Edit by: Mohit Jain
कोरिया ज़िले के ग्राम खोंड में मधुमक्खियों के हमले से दो लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन और वन विभाग सक्रिय हो गया है। 2 नवंबर को ग्राम खोंड़ के बड़कापारा निवासी श्रीमती पाँचों बाई की हड़तुंबा मधुमक्खी के डंक से मौत हो गई थी, जबकि 7 नवंबर को ग्राम पाण्डवपारा के झिलमिली SECL में कार्यरत सुबरन पिता रामप्रसाद की भी उसी झुंड के हमले में जान चली गई।

लगातार दो मौतों से ग्रामीणों में भय का माहौल फैल गया। घटना के बाद रविवार 9 नवंबर को ग्राम पंचायत भवन खोंड में सरपंच मंगल सिंह, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हमलावर मधुमक्खियों के छत्ते को नष्ट किया जाए।
निर्णय के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच छत्ते को आग लगाकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे आसपास ऐसे किसी अन्य छत्ते की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।





