रिपोर्टर: जावेद खान
अंतागढ़, 28 मई — रावघाट परियोजना से प्रभावित किसानों का अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन आज चौथे दिन भी जारी रहा। अंतागढ़ रेलवे स्टेशन के सामने बैठे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि रेलवे प्रबंधन और भिलाई स्टील प्लांट द्वारा जनसुनवाई में किए गए वादे आज तक पूरे नहीं किए गए, जबकि लौह अयस्क का परिवहन प्रारंभ हो चुका है।
इस आंदोलन को समर्थन देने पूर्व विधायक अनूप नाग भी आज धरना स्थल पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया। आंदोलन में ग्राम कच्चे से लेकर रावघाट क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए हैं। किसानों की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मई से माइंस परिवहन कर रहे ट्रकों को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।
जंगल में रात बिताने को मजबूर किसान
प्रभावित किसानों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। लगातार खराब मौसम के बीच ये किसान रेलवे स्टेशन के पास जंगल में रात गुजारने को मजबूर हैं। आंदोलन में शामिल बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सब एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रेल पटरियों पर नहीं जाने दे रही पुलिस
रेलवे ट्रैक पर किसानों को पहुंचने से रोकने के लिए आरपीएफ और डीआरजी के जवान भारी संख्या में तैनात हैं। आंदोलन के दौरान जब कुछ किसानों ने रेलवे पटरियों की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो आरपीएफ जवानों ने लाठियों के साथ दौड़कर उन्हें रोक दिया। हालांकि किसान तुरंत वापस सभा स्थल पर लौट आए और आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
किसानों की प्रमुख मांगें
रावघाट परियोजना से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास
जनसुनवाई में किए गए सभी वादों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए
स्थानीय युवाओं को परियोजना में रोजगार दिया जाए
माइंस परिवहन से होने वाली समस्याओं को दूर किया जाए
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण शीघ्र ही समाधान नहीं निकालते हैं, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।





