रायपुर, 28 मई — छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बस्तर को लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म (LWE) जिलों की सूची से बाहर कर दिया है, जिसके बाद अब इसे “नक्सल मुक्त जिला” कहा जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अहम बयान दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “31 मार्च 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरे देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना चाहते हैं। वर्तमान में नक्सली गतिविधियों का सबसे बड़ा प्रभाव छत्तीसगढ़ में देखा जाता है, लेकिन हमारे सुरक्षाबल पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और लगातार सफलताएं मिल रही हैं।”
सीएम साय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक घोषणा नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी नक्सली गतिविधियों में गिरावट आई है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर रणनीतिक कार्रवाई कर रही हैं।
जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस पर निशाना
वहीं, जातिगत जनगणना के प्रारूप और तिथि तय करने की मांग को लेकर कांग्रेस के आगामी बड़े प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “जातिगत जनगणना जरूर होगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होता। कांग्रेस इस विषय पर वर्षों से केवल बातें करती आई है, लेकिन कभी भी इसे करने का साहस नहीं दिखाया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह साहस दिखाया है।”
सीएम साय ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि “यह वही कांग्रेस है जो हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश करती है। लेकिन अब जनता जागरूक है और सच्चाई को समझती है।”





