रिपोर्टर -आगस्टीन हेम्बरम
Dumka NUPPL Protest दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड की ओडमो पंचायत में कोल कंपनी नवेली उत्तर प्रदेश पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड (एनयूपीपीएल) को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सोमवार को ओडमो के जंगलटोला में आदिवासी-मूलवासी प्रभावित संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों के साथ कोयला खदान तक जाने वाले वाहनों का चक्का जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने कंपनी के पदाधिकारियों के वाहन, विस्फोटक वाहन समेत अन्य वाहनों को जंगलटोला में ही रोककर वापस लौटा दिया। इसके चलते पूरे दिन खदान का कामकाज प्रभावित रहा।
Dumka NUPPL Protest समिति के सदस्य सोकोल मरांडी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर कंपनी को कई बार ज्ञापन सौंपा गया है। अंचलाधिकारी से लेकर उपायुक्त तक को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी अपने मनमाने तरीके से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीणों के साथ कंपनी के अधिकारियों को जनसुनवाई करनी चाहिए, तभी समस्याओं का समाधान संभव है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो खदान में उतरकर खनन कार्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा।
कुंडापहाड़ी में मुआवजे की मांग पर हाईवा समेत अन्य वाहन रोके
Dumka NUPPL Protest दूसरी ओर कुंडापहाड़ी में विस्थापित होने वाले करीब 50 पहाड़िया परिवारों ने भी मुआवजे की मांग को लेकर उत्खनन कार्य में लगे सभी हाईवा समेत अन्य वाहनों को रोक दिया।
मंगल देहरी ने बताया कि कंपनी की ओर से कुंडापहाड़ी के पहाड़िया परिवारों को अब तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई है, जबकि उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अन्य गांवों में मुआवजे की राशि खातों में स्थानांतरित की गई है, लेकिन कुंडापहाड़ी के परिवारों को अब तक राशि नहीं मिली है।
गणेश देहरी ने बताया कि कंपनी ने सर्वे के दौरान प्रत्येक आवास के लिए 24 लाख 7 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही थी। अब कंपनी की ओर से अलग-अलग राशि बताई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से ग्रामसभा कर मुआवजे की राशि 24 लाख रुपये से घटाकर छह लाख रुपये तक कर दी गई है। अब प्रत्येक घर के लिए छह लाख रुपये देने की बात कही जा रही है।
मुआवजे का समाधान नहीं होने तक खनन बंद रखने की चेतावनी
Dumka NUPPL Protest ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मुआवजे से संबंधित मामले का समाधान नहीं होता, तब तक खनन कार्य बंद रहेगा। विरोध-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों के आंदोलन के कारण सोमवार को खदान क्षेत्र में वाहनों का परिचालन और उत्खनन कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने कंपनी से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने और मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।


