BY: Yoganand Shrivastva
Disha Salian Case CBI FIR दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की गई है। एफआईआर में दिशा के पिता सतीश सालियान की शिकायत और उनके बयान को आधार बनाया गया है। मामले में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, एफआईआर में नाम होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है।
दिशा के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
Disha Salian Case CBI FIR सतीश सालियान ने सीबीआई को दिए बयान में आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत से जुड़े सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई। उन्होंने मामले में आपराधिक साजिश और दिशा की मौत को आत्महत्या बताने वाली कथित कहानी तैयार करने व उसे फैलाने की भी जांच की मांग की है।
Disha Salian Case CBI FIR उनके बयान में आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारियों के नाम का जिक्र किया गया है।
जून 2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत
Disha Salian Case CBI FIR दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी। उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों मामलों को लेकर लंबे समय से अलग-अलग सवाल उठते रहे हैं।
सीबीआई ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिशा के पिता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े आरोपों, परिस्थितियों और सामने रखे गए दावों की जांच करेगी।
वकील ने गैंगरेप और हत्या के आरोपों का किया दावा
Disha Salian Case CBI FIR एफआईआर दर्ज होने से दो दिन पहले 11 सितंबर को दिशा के पिता ने सीबीआई के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। उनके वकील निलेश ओझा भी उस दौरान सीबीआई कार्यालय पहुंचे थे। वकील ने दावा किया कि उनकी ओर से आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।
निलेश ओझा ने यह भी दावा किया कि उनके पास उपलब्ध सबूतों के अलावा सचिन वाजे के न्यायालय के बाहर किए गए कथित कबूलनामे से जुड़ी जानकारी भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीबी के पास सबूत होने के बावजूद जांच के दौरान आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। वकील ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की अलग से जांच की मांग भी की है।


