रिपोर्ट: चन्द्रभान साहू, एडिट- विजय नंदन
नरहरपुर: तहसील के ग्राम मुड़पार (दखनी) में धर्मांतरण के विरोध के बीच एक बार फिर घर वापसी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, गांव के दो धर्मांतरित व्यक्तियों ने अपने मूल सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया है।
दोनों व्यक्तियों ने ग्राम पंचायत में आवेदन देकर समाज में दोबारा शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद गांव के शीतला मंदिर परिसर में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और दोनों का गुलाब के फूलों से स्वागत किया गया। इस दौरान बाइबल को प्रतीकात्मक रूप से नदी में विसर्जित किया गया, जो उनके पुनः सनातन धर्म में लौटने का प्रतीक रहा।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि धर्म परिवर्तन के बाद इन परिवारों को सामाजिक रूप से बहिष्कार झेलना पड़ा। मृत व्यक्तियों के दफन के लिए भूमि नहीं मिलने जैसी कठिन परिस्थितियों ने इन्हें गहराई से प्रभावित किया, जिसके बाद उन्होंने समाज में पुनः शामिल होने का निर्णय लिया। गांव के लोगों ने घर वापसी करने वाले परिवारों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक है।





