मरवाही शिक्षा विभाग में दो बीईओ की नियुक्ति को लेकर विवाद, शासन आदेश की खुली अवहेलना

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Controversy over the appointment of two BEOs in the Marwahi Education Department, open disregard of government orders

रिपोर्ट- प्रयास, कैवर्त, एडिट- विजय नंदन

मरवाही: शिक्षा मानव जीवन की बुनियादी जरूरत है और बेहतर शिक्षा ही बच्चों का भविष्य तय करती है। लेकिन जब शिक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारी ही अपने कर्तव्यों से भटक जाएं, तो स्थिति कितनी अस्थिर हो सकती है, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। इसी कड़ी में विकास खण्ड शिक्षा विभाग मरवाही में दो-दो बीईओ की पदस्थापना ने हलचल मचा दी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में हाई स्कूल करहन्नी के प्राचार्य संजय वर्मा को मरवाही का प्रभारी बीईओ नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। लेकिन वर्तमान बीईओ आर.एन. चंद्रा, जिनका मूल पद व्याख्याता है, शासन के आदेश का पालन अब तक नहीं कर रहे हैं।

शासन का आदेश जारी हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, बावजूद इसके संजय वर्मा को बीईओ का प्रभार नहीं सौंपा गया। इसके कारण शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अराजकता और असमंजस की स्थिति बन गई है। विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने इस मामले को लेकर शासन और विभागीय अधिकारियों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मरवाही में शिक्षा विभाग पूरी तरह दिशाहीन हो गया है। जब शासन के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही हो, तो यह व्यवस्था की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है। बघेल ने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों का भविष्य संवारना है, लेकिन अधिकारी सत्ता और पद की लड़ाई में उलझे हुए हैं। उन्होंने शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

फिलहाल मरवाही का शिक्षा विभाग अव्यवस्था के दलदल में फंसा हुआ है, और इसका सबसे बड़ा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। रजनीश तिवारी, डीईओ ने कहा कि शासन के आदेशों पर अमल के लिए विभाग लगातार कदम उठा रहा है। उधर वीरेंद्र सिंह बघेल, प्रवक्ता कांग्रेस ने कहा कि मरवाही में शिक्षा व्यवस्था दिशाहीन हो चुकी है, शासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं अनिल अहिरवार, बीजेपी जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दो बीईओ की नियुक्ति से विभाग में असमंजस बढ़ा है, इसे शीघ्र सुलझाना चाहिए।