कांग्रेस अध्यक्ष खरगे बोले, संघ पर लगे प्रतिबंध, सरदार पटेल के पत्र का किया जिक्र

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Congress President Kharge said, ban should be imposed on the Sangh, referring to Sardar Patel's letter

by: vijay nandan

दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “मेरा निजी विचार है कि आरएसएस पर दोबारा प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में कानून-व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान खरगे ने कहा कि देश में फैली नफरत और हिंसा के पीछे बीजेपी और आरएसएस की भूमिका रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा “अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सच में सम्मान करते हैं, तो आरएसएस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे “झूठ को सच में बदलने में माहिर हैं” और आरएसएस के विचारों को सरकारी तंत्र के माध्यम से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने 4 फरवरी 1948 को सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा, “पटेल जी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखकर बताया था कि गांधी जी की हत्या के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी थी। ऐसे माहौल में सरकार के पास संघ के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। खरगे ने आगे कहा कि उस समय पटेल ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे की रक्षा के लिए संघ को प्रतिबंधित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही संगठन बीजेपी के माध्यम से देश की एकता को कमजोर कर रहा है।

आरएसएस और बीजेपी पर करारा हमला

खरगे ने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़ी अधिकतर समस्याओं के पीछे बीजेपी और आरएसएस हैं। उन्होंने कहा, “देश में जो भी गड़बड़ी है, उसकी जड़ आरएसएस और बीजेपी की राजनीति में है। यह संगठन लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा, “वे राजा की तरह व्यवहार करते हैं।” इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जोड़ा, “राजा नहीं, सम्राट। लेकिन खरगे ने मुस्कुराते हुए कहा, “सम्राट नहीं बन सकते, क्योंकि कई राज्यों में उनकी सरकार ही नहीं है और केंद्र में भी सहयोगियों के सहारे हैं। खरगे ने यह भी कहा कि बीजेपी लगातार पंडित नेहरू और सरदार पटेल के बीच मतभेद की बात फैलाती है, जबकि दोनों के बीच गहरा सम्मान था। “नेहरू ने गुजरात में पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था और सरदार सरोवर बांध की नींव रखी थी। बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है,” उन्होंने कहा।

पीएम मोदी का बयान और खरगे की प्रतिक्रिया

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि “सरदार पटेल पूरे कश्मीर को भारत में मिलाना चाहते थे, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया।” इस पर खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को “दही में कंकड़ ढूंढना” बंद करना चाहिए और देश के असली इतिहास को स्वीकार करना चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे के बयान ने फिर से आरएसएस पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।