CM डॉ. मोहन यादव के बेटे की शादी का कार्ड वायरल, विवाह सम्मेलन में कर रहे शादी, उपहार ना लाने की अपील की

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CM Dr. Mohan Yadav's son's wedding card goes viral, wedding taking place at a marriage conference, appeals not to bring gifts

by: vijay nandan

उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव के विवाह को सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न कराने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के बेटे की शादी 30 नवंबर 2025 को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में होगी। विवाह निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह आयोजन चर्चा में है।

विवाह कार्ड बेहद सामान्य डिजाइन के साथ छपवाया गया है और इसमें दिखाया गया है कि उनका पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव (M.B.B.S., M.S.) का विवाह डॉ. इशिता यादव पटेल (M.B.B.S.) से होगा। कार्ड में मुख्यमंत्री ने विनम्र भाषा में अतिथियों को आमंत्रित किया है, जिसमें समारोह को सामाजिक समरसता और जनकल्याण से जुड़ा आयोजन बताया गया है।

मुख्यमंत्री का भावात्मक संदेश

निमंत्रण पत्र में सीएम डॉ. यादव ने लिखा है कि उनका परिवार सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक मूल्यों, सद्भाव और समानता को बढ़ावा देना चाहता है। उन्होंने बताया कि इस सामूहिक वैवाहिक समारोह में 21 नवदंपति विवाह बंधन में बंधेंगे, जिनके साथ उनके पुत्र भी सात फेरों के साथ गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे। कार्ड में उपहार न लाने की विनम्र प्रार्थना भी की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि आपका आशीर्वाद ही नवयुगल के लिए श्रेष्ठ उपहार है।

पहले भी पेश की थी सादगी की मिसाल

सीएम डॉ. यादव इससे पहले भी सादगीपूर्ण आयोजन कर चुके हैं। फरवरी 2024 में उन्होंने अपने बड़े बेटे वैभव यादव का विवाह राजस्थान के पुष्कर में बहुत छोटे पारिवारिक समारोह में किया था। उस समय यादव मुख्यमंत्री पद संभालने के शुरुआती महीनों में थे।

विवाह में फिजूलखर्ची रोकना उद्देश्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के करीबी लोगों के अनुसार, डॉ. मोहन यादव अक्सर इस बात को दोहराते रहे हैं कि सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम दिखावे की जगह सरल और व्यावहारिक होने चाहिए। यही वजह है कि छोटे बेटे अभिमन्यु की शादी को भी सामूहिक सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने पहले भी कहा था कि विवाह जैसे संस्कारों में फिजूलखर्ची रोकना आवश्यक है। यह सामूहिक विवाह न केवल आर्थिक बोझ कम करेगा, बल्कि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करेगा। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं, और यह प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुका है।

सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारी जोरों पर: तस्वीरें