रिपोर्ट- उमेश डहरिया
कोरबा। छत्तीसगढ़ में बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर की जांच की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई।
खनिज संपदा से संपन्न राज्य, फिर भी महंगी बिजली
क्रांति सेना ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ खनिज और कोयले की संपदा से भरपूर राज्य है। यहां कोयले का बड़े पैमाने पर उत्खनन होता है और कई पावर प्लांट स्थापित हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों को बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की जनता को अपने ही राज्य में महंगी बिजली चुकानी पड़ रही है।
जनता में आक्रोश
संगठन ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम लोग बेहद परेशान हैं। लोगों के जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
क्रांति सेना ने चेतावनी दी कि अगर 7 दिनों के भीतर सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। साथ ही संगठन ने साफ कहा कि इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की होगी।





