Bhopal मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल स्थित अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में एक महत्वपूर्ण गरिमामयी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न निगमों, मंडलों, बोर्डों, आयोगों और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों तथा सदस्यों के त्रि-दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि राजनीति और प्रशासन का एकमात्र मूल ध्येय केवल और केवल जनहित होना चाहिए। राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता ही हमारी असली पूंजी है।
Bhopal वित्तीय अनुशासन लाएं और आत्मनिर्भरता के लिए आय के नए स्रोत खोजें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियों की बधाई देते हुए प्रशासनिक दक्षता और पूर्ण निष्ठा से काम करने का मंत्र दिया। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा:
- मितव्ययता अपनाएं: सभी संस्थानों में फिजूलखर्ची पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए और कड़ा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।
- नवाचारों पर जोर: सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय अपनी कार्यप्रणाली में नवाचार (Innovations) लाएं और आय के नए आत्मनिर्भर स्रोत सृजित करें।
- नियमित मॉनिटरिंग: निगम और मंडलों के सुचारू संचालन के लिए पदाधिकारी स्वयं अनुशासित रहें और जमीनी स्तर पर कार्यों की नियमित समीक्षा (Monitoring) करें।
Bhopal तकनीक का अधिकतम उपयोग और कदाचार पर जीरो टॉलरेंस
सुशासन की दिशा में डिजिटल माध्यमों की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान युग में तकनीक ही पारदर्शिता का सबसे बड़ा आधार है।
डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा: सभी विभाग डेटा-आधारित निर्णय लेने, तकनीक संचालित निगरानी रखने और सेवाओं के वितरण में डिजिटल प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, सरकारी उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करें।
सीएम ने कड़े शब्दों में सचेत किया कि सरकार भ्रष्टाचार और कदाचार के मामलों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर चलती है। संस्थानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पदाधिकारी ऐसी सभी गतिविधियों और लोगों से दूरी बनाकर रखें जिससे पद की गरिमा और सरकार की साख को ठेस पहुंचती हो। इसके अलावा उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों में भी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
Bhopal राजनीति पेशा नहीं, बल्कि अंत्योदय का एक पावन मिशन है
Bhopal कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपने अधिकारों का उपयोग व्यापक जनहित और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की जरूरतों को पूरा करने के लिए करने की अपेक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई मितव्ययता की सीख को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
वहीं, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2003 से लगातार किए जा रहे प्रयासों के चलते आज मध्य प्रदेश की जीडीपी (GDP) और प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन का स्मरण कराते हुए कहा कि हमारे लिए राजनीति कोई प्रोफेशन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक पवित्र मिशन है। सभी पदाधिकारियों के कार्यों का निरंतर आकलन (Evaluation) किया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश को देश का सबसे अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सके।





