BY
Yoganand Shrivastava
Haridwar उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल हरिद्वार से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के विश्व प्रसिद्ध गंगा घाट ‘हर की पैड़ी’ को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र को निशाना बनाने की बात सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए धमकी देने वाले मुख्य आरोपी को चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है।

Haridwar शराब के नशे में ‘112’ पर किया था कॉल, 4 दिन का दिया था अल्टीमेटम
Haridwar पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा हाई-प्रोफाइल ड्रामा एक युवक के अत्यधिक शराब पीने और सनकीपन के कारण शुरू हुआ। 30 वर्षीय एक युवक ने आपातकालीन नंबर ‘112’ पर कॉल किया और पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि वह अगले 4 दिनों के भीतर हर की पैड़ी सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों को बम से उड़ा देगा।

इस धमकी भरे कॉल के आते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद से तुरंत कॉल की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर निवासी सोहन सिंह रावत के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ाई के आगे आरोपी ने कबूल किया कि उसने अत्यधिक शराब के नशे में यह हरकत की थी।

Haridwar एसएसपी का बयान: आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, भेजा गया जेल
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आस्था के केंद्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। भले ही आरोपी ने यह कृत्य नशे में किया हो, लेकिन कानून व्यवस्था को चुनौती देने और दहशत फैलाने के आरोप में उसके खिलाफ हरिद्वार नगर कोतवाली में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। इसके साथ ही हर की पैड़ी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

Haridwar मोक्ष की नगरी का सबसे पावन केंद्र है ‘हर की पैड़ी’
हर की पैड़ी केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र घाट माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘हर की पैड़ी’ का अर्थ है ‘भगवान हरि (विष्णु) के चरण’। माना जाता है कि यहां मां गंगा के पावन जल में डुबकी लगाने से मनुष्य के जनम-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर शाम यहाँ होने वाली भव्य और अलौकिक गंगा आरती को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों सैलानी पहुंचते हैं। इसके अलावा, प्रत्येक 6 वर्ष में अर्धकुंभ और 12 वर्ष में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध महाकुंभ मेले का मुख्य केंद्र भी यही ऐतिहासिक घाट है।





