Medical Store Strike 2026: देशभर में ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में दवा व्यापारियों ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। अखिल भारतीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के आह्वान पर 20 मई 2026 को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस बंद में छत्तीसगढ़ समेत देशभर के मेडिकल स्टोर्स शामिल होंगे।
दवा व्यापारियों का कहना है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां नियमों की अनदेखी करते हुए बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन दवाइयों की बिक्री कर रही हैं, जिससे आम लोगों की सेहत और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
Medical Store Strike 2026: सरगुजा के 600 से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स रहेंगे बंद
सरगुजा औषधि विक्रेता संघ ने भी हड़ताल को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। संगठन के मुताबिक 20 मई को जिले के 600 से अधिक मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। वहीं पूरे छत्तीसगढ़ में करीब 15 हजार दवा दुकानों के बंद रहने का अनुमान है।
दवा व्यापारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल व्यापार बचाने के लिए नहीं बल्कि दवा वितरण व्यवस्था को सुरक्षित और नियमबद्ध बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
Medical Store Strike 2026: ऑनलाइन दवा कारोबार से प्रभावित हो रहा पारंपरिक व्यवसाय
सरगुजा औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष Amit Agrawal ने बताया कि ई-फार्मेसी कंपनियों के बढ़ते कारोबार से पारंपरिक मेडिकल स्टोर व्यवसाय पर बड़ा असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देशभर में करीब 12 लाख 50 हजार केमिस्ट परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं। कर्मचारियों सहित लगभग एक करोड़ लोगों की आजीविका इस कारोबार पर निर्भर है। ऐसे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की अनियमित गतिविधियां छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
Medical Store Strike 2026: बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाइयों की बिक्री पर जताई चिंता
दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के दवाइयों की आपूर्ति कर रहे हैं। उनका कहना है कि शेड्यूल-एच और नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी आसानी से घरों तक पहुंचाई जा रही हैं।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह स्थिति युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने सरकार से इस मामले में सख्त निगरानी और स्पष्ट नियम लागू करने की मांग की है।
Medical Store Strike 2026: तकनीक नहीं, नियमों के उल्लंघन का विरोध
दवा व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध किसी नई तकनीक या ऑनलाइन सुविधा से नहीं है। वे केवल उन कंपनियों का विरोध कर रहे हैं जो नियमों का पालन किए बिना दवा वितरण कर रही हैं।
संघ के अनुसार कोविड-19 के दौरान लागू किए गए जीएसआर 817 ई और जीएसआर 220 ई प्रावधानों का हवाला देकर कई कंपनियां अब भी ढील का फायदा उठा रही हैं और दवा वितरण के तय नियमों की अनदेखी कर रही हैं।
Medical Store Strike 2026: करोड़ों रुपए के कारोबार पर पड़ेगा असर
दवा व्यापारियों के मुताबिक सरगुजा जिले में एक दिन की हड़ताल से करीब दो से चार करोड़ रुपए तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। वहीं पूरे देश में मेडिकल स्टोर्स बंद रहने से दवा बाजार पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
व्यापारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ई-फार्मेसी क्षेत्र के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और दवा बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाए।
read also: Bakrid 2026: भारत में 28 मई को मनाई जाएगी बकरीद, चांद नहीं दिखने के बाद हुई तारीख तय





