Balochistan: पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने बलूचिस्तान में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने का दावा किया है। मंगला जरघून घर इलाके में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 35 आतंकियों को मार गिराने और तीन वरिष्ठ कमांडरों को गिरफ्तार करने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई बीते कुछ दिनों से जारी अभियान के तहत की गई है।
Balochistan: बलूचिस्तान सरकार ने दी कार्रवाई की जानकारी
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता Shahid Rind ने क्वेटा में मीडिया से बातचीत के दौरान ऑपरेशन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रतिबंधित संगठन Tehrik-i-Taliban Pakistan और उससे जुड़े समूहों के खिलाफ चलाया गया था।
प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों कमांडर संगठन के महत्वपूर्ण सदस्य बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आतंकियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू की गई।
Balochistan: कई ठिकानों को भी किया गया नष्ट
सरकारी बयान में बताया गया कि सुरक्षाबलों ने मंगला जरघून घर क्षेत्र में मौजूद कई बेस कैंप और छिपने के ठिकानों को भी नष्ट कर दिया है। हालांकि इस पूरे ऑपरेशन पर अभी तक पाकिस्तानी सेना की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में लगातार मिल रहे इनपुट्स के आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान तेज किए गए हैं और इसका उद्देश्य चरमपंथी गतिविधियों को खत्म करना है।
Balochistan: हाल ही में सेना को हुआ था बड़ा नुकसान
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले बलूचिस्तान के बरखान जिले में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पाकिस्तानी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। उस ऑपरेशन में एक मेजर समेत पांच सैनिकों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग Inter-Services Public Relations की ओर से उस घटना की जानकारी दी गई थी। उस दौरान सुरक्षाबलों ने सात आतंकियों को मार गिराने का दावा भी किया था।
Balochistan: आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर उठते रहे हैं सवाल
पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने के आरोपों का सामना करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है। ऐसे में बलूचिस्तान में बड़े स्तर पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को पाकिस्तान अपनी छवि सुधारने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बलूचिस्तान क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, जिसके चलते वहां लगातार सैन्य अभियान चलाए जाते रहे हैं।
read also: Bakrid 2026: भारत में 28 मई को मनाई जाएगी बकरीद, चांद नहीं दिखने के बाद हुई तारीख तय





