Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने की गोसेवा: भीषण गर्मी में गोवंश की सुरक्षा के लिए दिए विशेष निर्देश, कार्यकर्ताओं को दी हिदायत

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Gorakhpur

Report: Vandna Rawat

Gorakhpur उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान लोक-कल्याण के साथ-साथ जीव-कल्याण की अपनी परंपरा को जारी रखा। रविवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में आम लोगों की फरियाद सुनने के बाद मुख्यमंत्री सीधे मंदिर परिसर में स्थित गोशाला पहुँचे। यहाँ उन्होंने काफी समय गोवंश के बीच बिताया, उन्हें दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया। बढ़ते पारे को देखते हुए सीएम योगी ने गोशाला के प्रबंधन को अलर्ट रहने और पशुओं की समुचित देखरेख करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Gorakhpur गुरु भक्ति और साधना से हुई दिनचर्या की शुरुआत

गोरखनाथ मंदिर में प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुबह पूरी तरह आध्यात्मिक और पारंपरिक रही। उन्होंने प्रातः काल सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर गए, जहाँ उन्होंने शीश नवाकर पुष्पांजलि अर्पित की और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए वे सीधे बेजुबानों की सेवा के लिए गोशाला की ओर बढ़ गए।

Gorakhpur गोशाला में उमड़ा प्रेम, अपने हाथों से कराया रसपान

गोशाला पहुँचते ही मुख्यमंत्री का गोवंश के प्रति गहरा लगाव एक बार फिर साफ नजर आया। सीएम योगी को देखते ही गाएं और नन्हें बछड़े उनके करीब आ गए। मुख्यमंत्री ने काफी देर तक गोवंश को सहलाया, उनके सिर पर हाथ फेरकर प्यार दिया और अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार उन्हें बड़े चाव से गुड़ खिलाया। इस दौरान गोशाला का माहौल पूरी तरह आत्मीयता से सराबोर दिखाई दिया।

Gorakhpur तपती गर्मी और लू से बचाव के लिए सख्त दिशा-निर्देश

उत्तर भारत में लगातार बढ़ रहे तापमान और तपती गर्मी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गोशाला के कार्यकर्ताओं और सेवादारों को विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देशित किया कि:

  • शीतल जल की उपलब्धता: गोशाला में चौबीसों घंटे गोवंश के लिए साफ और ठंडे पानी का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए।
  • शेड और हवा के प्रबंध: तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) से पशुओं को बचाने के लिए शेड के नीचे पंखे और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था सुचारू रखी जाए।
  • हरे चारे की व्यवस्था: गर्मी के मौसम में पशुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए उनके लिए पौष्टिक और हरे चारे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

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