Report: Ratan kumar
Jamtara : जामताड़ा शहर के गांधी मैदान स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा माता पार्वती की प्रतिमा को खंडित किए जाने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे शहर में सनसनी फैल गई और स्थानीय श्रद्धालुओं व विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की जानबूझकर की गई साजिश बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
Jamtara सुबह पूजा करने पहुँचे श्रद्धालुओं ने देखा नजारा
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह जब श्रद्धालु हमेशा की तरह मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पहुँचे, तो उन्होंने माता पार्वती की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त स्थिति में मंदिर परिसर के बाहर पड़ा पाया। इसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मंदिर कमेटी के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और वे क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
Jamtara मौके पर पहुँचे थाना प्रभारी, सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू
घटना की संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो दलबल के साथ तुरंत गांधी मैदान स्थित मंदिर परिसर पहुँचे। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और मंदिर के आसपास व सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
Jamtara प्रशासन को उग्र आंदोलन और चक्का जाम का अल्टीमेटम
इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि यदि तय समय के भीतर इस निंदनीय कृत्य को अंजाम देने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो पूरे जामताड़ा शहर में व्यापक चक्का जाम किया जाएगा और उग्र आंदोलन शुरू होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। एहतियात के तौर पर वर्तमान में मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।





