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New Delhi: NEET 2026 पेपर लीक: पेपर सेटर ही निकले ‘विलेन’, CBI ने कोर्ट से मांगी 14 दिन की रिमांड; जल्द होगी तीसरी बड़ी गिरफ्तारी

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New Delhi NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ एक बहुत बड़ा सिंडिकेट लगा है। परीक्षा कराने वाली संस्था NTA द्वारा जिन एक्सपर्ट्स को प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, वही इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड निकले। सीबीआई ने मामले के दो मुख्य किरदारों—केमिस्ट्री के रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया है, जहाँ दोनों की 14 दिनों की रिमांड मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में बहुत जल्द तीसरी बड़ी गिरफ्तारी होने वाली है।

New Delhi कैसे काम करता था यह हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट?

जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट का ताना-बाना बेहद शातिर तरीके से बुना गया था:

  • एक्स्पर्ट्स का दुरुपयोग: पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री) और मनीषा गुरुनाथ (बॉटनी) दोनों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञ (Expert) के तौर पर पैनल में रखा था।
  • मनीषा वाघमारे बनी ‘कड़ी’: इन दोनों प्रोफेसरों ने पेपर लीक को अंजाम देने के लिए पुणे की रहने वाली मनीषा वाघमारे नाम की महिला का सहारा लिया। वाघमारे का काम अमीर घरानों के ऐसे छात्रों को तलाशना था जो पेपर खरीदने के लिए मोटी रकम दे सकें।

New Delhi ‘स्पेशल क्लास’ की आड़ में रटी जा रही थी कामयाबी

छात्रों को जुटाने के बाद परीक्षा से ठीक पहले पुणे में दो स्पेशल क्लासेस का आयोजन किया गया:

  • एक स्पेशल क्लास पीवी कुलकर्णी के लिए और दूसरी मनीषा गुरुनाथ के लिए तय की गई।
  • इन गुप्त कक्षाओं में छात्रों को सीधे नीट के असली सवाल और उनके जवाब उपलब्ध कराए गए। मास्टरमाइंड कुलकर्णी ने तो बकायदा छात्रों को प्रश्नों के उत्तर एक हैंडबुक में नोट भी करवाए थे।

New Delhi अब आगे क्या? तीसरी बड़ी गिरफ्तारी और बैंक खाते सीज

सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद अब इस सिंडिकेट पर शिकंजा पूरी तरह कस गया है:

  • खाते सीज: बिचौलिये की भूमिका निभाने वाली मनीषा वाघमारे का बैंक अकाउंट सीज कर दिया गया है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। वाघमारे से मिले इनपुट्स के आधार पर सीबीआई को कई पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं।
  • अगली गिरफ्तारी की तैयारी: जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल या कोचिंग नेटवर्क से जुड़े एक और बड़े रसूखदार नाम की गिरफ्तारी अगले कुछ घंटों में संभव है।
  • अदालती कार्रवाई: राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआई ने दलील दी है कि पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) का पर्दाफाश करने के लिए दोनों आरोपियों से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है।

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