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Pune: कौन है पीवी कुलकर्णी? NEET 2026 पेपर लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड, प्रोफेसर से लेकर ‘NTA कनेक्शन’ तक का पूरा बैकग्राउंड

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Pune NEET 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य जांच एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस पूरे घोटाले के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आज उसे CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह हाई-प्रोफाइल प्रोफेसर कौन है और देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के पेपर तक इसकी पहुँच कैसे हुई?

Pune शैक्षणिक और व्यावसायिक बैकग्राउंड: प्रोफेसर से प्रिंसिपल तक का सफर

पीवी कुलकर्णी शिक्षा जगत का एक जाना-माना नाम रहा है और उसका करीब तीन दशकों का शैक्षणिक इतिहास है:

  • अनुभव: कुलकर्णी ने पिछले 28 वर्षों तक दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
  • प्रिंसिपल पद से रिटायरमेंट: वह इसी कॉलेज में प्रिसिंपल के पद तक पहुँचा और करीब चार साल पहले इस पद से सेवानिवृत्त (Retire) हुआ।
  • संस्थाओं से जुड़ाव: अपने सेवाकाल के दौरान वह शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली ‘DEEPER’ नामक संस्था से भी जुड़ा था, हालांकि दो साल पहले उसका इस संस्था से नाता टूट गया था। रिटायरमेंट के बाद वह फ्रीलांसर के रूप में विभिन्न कोचिंग संस्थानों में केमिस्ट्री पढ़ा रहा था।

Pune NTA कनेक्शन: कैसे मिला NEET 2026 के पेपर का एक्सेस?

जांच एजेंसियों के हाथ लगे सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सीधा संबंध था:

  • केमिस्ट्री एक्सपर्ट: वह पिछले दो सालों से कॉन्ट्रैक्ट बेसिस (अनुबंध) पर NTA के लिए केमिस्ट्री एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहा था।
  • पेपर सेटर की भूमिका: सूत्रों का दावा है कि कुलकर्णी उन चुनिंदा प्रोफेसरों के पैनल में शामिल था, जिन्हें NEET 2026 परीक्षा का केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी पद का दुरुपयोग करते हुए उसने पेपर को लीक किया।

Pune पुणे और लातूर कनेक्शन: ‘मॉक टेस्ट’ के नाम पर खेल

Pune इस पूरे नेक्सस (नेटवर्क) को चलाने के लिए कुलकर्णी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक मजबूत जाल बुना था:

  • सह-आरोपी मनीषा की भूमिका: पुणे की रहने वाली सह-आरोपी मनीषा, छात्रों को फांसकर उन्हें धनंजय लोखंडे और पीवी कुलकर्णी तक पहुँचाने का काम करती थी।
  • कोचिंग की आड़ में लीक: अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने पुणे का दौरा किया था और “राज कोचिंग क्लासेस” के माध्यम से एक ऑनलाइन क्लास ली थी। जांच के अनुसार, इस क्लास में उसने छात्रों को कुछ ‘मॉक क्वेश्चन’ दिए थे, जो बाद में हूबहू NEET 2026 की मुख्य परीक्षा में पूछे गए।
  • पारिवारिक स्थिति और संपत्ति: लातूर में कुलकर्णी का एक आलीशान बंगला है, जिसे उसने किराए पर दे रखा था। पड़ोसियों और किरायेदारों के अनुसार, वह काफी रहस्यमयी तरीके से रहता था और कुछ लोगों ने उस पर पहले से ही धोखाधड़ी (420) के मामलों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उसका बड़ा बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है, जबकि पत्नी और छोटे बेटे के बारे में फिलहाल एजेंसियां पता लगा रही हैं।

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