Hormuz Strait से LPG लेकर सुरक्षित निकले दो भारतीय जहाज, ऊर्जा आपूर्ति को मिली मजबूती

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Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच रसोई गैस की सप्लाई को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले 24 घंटों में होर्मुज स्ट्रेट को पार कर दो बड़े एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हुए हैं। इन जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है, जिससे देश में गैस आपूर्ति को लेकर राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

Hormuz Strait: कतर और यूएई से रवाना हुए LPG जहाज

जानकारी के मुताबिक एलपीजी कैरियर ‘सिमी’ कतर के रास लफान टर्मिनल से गैस लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। यह जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और इसके गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। इस पोत पर कुल 21 क्रू मेंबर्स सवार हैं।

वहीं दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ यूएई की रुवैस रिफाइनरी से एलपीजी लेकर निकला है। यह पोत भी गुरुवार सुबह लगभग 9:30 बजे होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की दिशा में आगे बढ़ा। इसके 18 मई तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की संभावना बताई जा रही है।

Hormuz Strait: दोनों जहाजों में 66 हजार टन से ज्यादा LPG

सरकारी सूत्रों के अनुसार ‘सिमी’ जहाज में करीब 19,965 टन एलपीजी लदी हुई है। वहीं वियतनाम ध्वज वाले पोत ‘एनवी सनशाइन’ में लगभग 46,427 टन एलपीजी मौजूद है। दोनों जहाजों में मौजूद गैस इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के लिए भेजी जा रही है।

Hormuz Strait

ऐसे समय में इन जहाजों का सुरक्षित रूप से भारत पहुंचना अहम माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।

Hormuz Strait: 13 और 14 मई को पार किया होर्मुज स्ट्रेट

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि एलपीजी टैंकर ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। इसके बाद ‘एनवी सनशाइन’ ने 14 मई को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित तरीके से पार किया।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डालता है।

Hormuz Strait: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी थी चिंता

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कई देशों ने अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी।

हालांकि इसके बावजूद भारत के लिए जरूरी ऊर्जा आपूर्ति जारी है। मार्च की शुरुआत से अब तक 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर समेत कुल 13 भारतीय जहाज इस समुद्री मार्ग से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।

Hormuz Strait: अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं कई भारतीय पोत

रिपोर्ट के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में अभी भी करीब 12 भारतीय पोत मौजूद हैं, जिनकी आवाजाही पर तनाव का असर देखा जा रहा है। इसके अलावा भारत के लिए सामान लेकर आने वाले कई विदेशी जहाज भी प्रभावित बताए जा रहे हैं।

फिलहाल दो बड़े एलपीजी जहाजों के सुरक्षित भारत पहुंचने से घरेलू गैस सप्लाई को लेकर राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और नहीं बढ़ता, तो आने वाले दिनों में ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है।

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