NEET Paper Leak : NEET परीक्षा में भी धांधली, दोषियों पर सख्ती ,अब 21 जून को NEET परीक्षार्थियों की अग्निपरीक्षा
NEET Paper Leak : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। पेपर लीक, धांधली और गिरफ्तारी के मामलों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस पूरे मामले का असली गुनहगार कौन है और क्या इसकी जिम्मेदारी सरकार पर भी तय होती है ? एक तरफ जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पेपर लीक नेटवर्क की परतें लगातार उधड़ रहीं हैं। दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है कि जब परीक्षा की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसियों के पास है, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हुई ? सरकार का तर्क है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र और राज्य स्तर पर जांच तेज कर दी गई है, कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए नई योजनाएं बनाई गई हैं। सरकार यह भी दावा कर रही है कि तकनीकी निगरानी और सख्त कानूनों के जरिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाएगा।
NEET Paper Leak : लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांग रही है। छात्र संगठनों का आरोप है कि केवल कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।क्योंकि बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होना सिस्टम की बड़ी विफलता को दिखाता है। अब 21 जून, री-एक्जाम की तारीख तय तो कर दी गई है। लेकिन लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में है। क्योंकि 2 सालों की तैयारी, और एक महीने में दोबारा परीक्षा, कहां तक न्याय हो पाएगा।अब सरकार भले ही पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस का दावा करे। बड़े और कड़े कदम उठाने की बात कहे। लेकिन आखिर बार बार ऐसी घटनाएं होना क्या सरकार का फ्लोअर नही। क्यों सरकार के कड़े इंतजाम के बाद भी शिक्षा और परीक्षा माफिया उन पर हावी रहता है।।इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।।।
NEET Paper Leak : देशभर में नीट-यूजी पेपरलीक मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परीक्षा में कथित धांधली और उसके बाद परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। मामले में सीबीआई की जांच लगातार तेज है, अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों ने बताया कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें पुणे, जयपुर, नासिक, गुरुग्राम और राजस्थान के कुछ कोचिंग नेटवर्क के तार जुड़े पाए गए हैं।जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुणे के एक केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को कथित मास्टरमाइंड बताया गया। आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने का फायदा उठाकर पेपर बाहर पहुंचाया गया।
NEET Paper Leak : वहीं बायोलॉजी विशेषज्ञ मनिषा गुरुनाथ की गिरफ्तारी के बाद एनटीए की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुणे से ही बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी। जांच एजेंसी के अनुसार अप्रैल में आरोपी टीचर ने पुणे की ही रहने वाली मनिषा वाघमारे के जरिए NEET अभ्यर्थियों को जुटाया था। लेकिन जहां पूरी प्रक्रिया पर कंट्रोल होना चाहिए था वहां नहीं हुआ जिसका नतीजा छात्रों को भुगतना पड़ा। छात्रों में गुस्से के साथ ही भारी मानसिक तनाव देखने को मिल रहा है। अब तक 3 छात्रों द्वारा सुसाइड किए जाने की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राजस्थान के सीकर और दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। छात्रों के परिजनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता ने बच्चों को तोड़ दिया।
read more : NEET Paper Leak : राहुल गांधी बोले- ‘22 लाख छात्रों के साथ धोखा’, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग

