Trump China Gifts : चीन दौरे के बाद चर्चा में आया अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
Trump China Gifts : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चीन यात्रा एक अनोखी वजह से सुर्खियों में आ गई है। दो दिवसीय दौरे के बाद जब ट्रंप और उनका प्रतिनिधिमंडल अमेरिका लौटने लगा, तो चीन की तरफ से दिए गए सभी गिफ्ट्स, बैज, फोन और स्मृति चिन्हों को कूड़ेदान में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई।

Trump China Gifts : व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर हुई बातचीत
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप चीन के साथ व्यापार, दुर्लभ खनिजों और आर्थिक सहयोग को लेकर बड़े समझौतों की उम्मीद से बीजिंग पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। दोनों नेताओं के बीच कई अहम वैश्विक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई।हालांकि कुछ सीमित व्यापारिक समझौते जरूर हुए, लेकिन अमेरिका को उम्मीद के मुताबिक बड़ी रणनीतिक सफलता नहीं मिली।
Trump China Gifts : विमान में ले जाने की नहीं थी अनुमति
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन की ओर से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पहचान पत्र, बैज, प्रेस निमंत्रण पत्र, पिन और बर्नर फोन जैसे कई सामान दिए गए थे। लेकिन एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले इन सभी वस्तुओं को इकट्ठा कर विमान के पास रखे कूड़ेदान में डाल दिया गया।बताया गया कि सुरक्षा कारणों से चीन से मिली किसी भी वस्तु को विमान में ले जाने की अनुमति नहीं थी।
Trump China Gifts : साइबर सुरक्षा और जासूसी का डर
अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से साइबर सुरक्षा और जासूसी को लेकर तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी वजह से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने अत्यधिक सतर्कता बरती।रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप और उनके साथ मौजूद कई अधिकारियों ने अपने निजी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अमेरिका में ही छोड़ दिए थे। चीन यात्रा के दौरान केवल अस्थायी “बर्नर फोन” का इस्तेमाल किया गया।
Trump China Gifts : ट्रंप ने खुद माना- दोनों देश करते हैं जासूसी
अमेरिका रवाना होने से पहले ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन दोनों एक-दूसरे की जासूसी करते हैं। ऐसे में अमेरिकी टीम किसी भी संभावित साइबर खतरे से बचना चाहती थी।विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा था, ताकि संवेदनशील डेटा और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सुरक्षित रह सकें।
Trump China Gifts : पहले भी अपनाई जाती रही है ऐसी रणनीति
जानकारी के मुताबिक चीन यात्रा पर जाने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहले भी इसी तरह के सुरक्षा नियमों का पालन करते रहे हैं। हालांकि इस बार पूरी घटना सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद यह अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई।
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