Report: Neha gupta
Bhojpur (आरा) कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के बलुआ मार्ग पर हनुमान मंदिर के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। बाइक सवार दोनों युवकों को गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुँचने के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौतों के बाद अस्पताल में व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

Bhojpur परिजनों का आरोप: “इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस न मिलना बनी मौत की वजह”
मृतक के परिजनों ने आरा सदर अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली और जब अस्पताल पहुँचे तो स्वास्थ्य कर्मियों ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई। परिजनों ने चीख-चीख कर कहा कि अगर समय पर ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो दोनों की जान बच सकती थी।
Bhojpur इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर और स्टाफ हुए लापता
जैसे ही युवकों की मौत की खबर फैली, परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे को उग्र होते देख इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर अस्पताल से भाग खड़े हुए। इसके कारण इमरजेंसी में आने वाले अन्य गंभीर मरीजों की स्थिति भी दयनीय हो गई, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं था।

Bhojpur सुरक्षा के नाम पर केवल गार्ड, प्रशासन बेफिक्र
हंगामे और तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्डों की तैनाती तो की गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को संभालने या परिजनों को समझाने के लिए सामने नहीं आया। घंटों तक अस्पताल में अराजकता का माहौल बना रहा, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।





