Report: Alok Bharadwaj
Bhind Education Department Scam मध्य प्रदेश का भिंड शिक्षा विभाग इन दिनों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के बजाय अपनी गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और मनमानी को लेकर पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहा है। विभाग का इतिहास पहले से ही ‘एरियर घोटाले’ और ‘छात्रवृत्ति घोटाले’ जैसे काले कारनामों से दागदार रहा है, जिसमें दोषी मातहत कर्मचारियों पर आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान में विभाग के भीतर चल रही कुर्सी की खींचतान और नियमविरुद्ध फैसलों ने चरमराती व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
Bhind Education Department Scam केस 1: भिंड शिक्षा विभाग ने रचा ‘अनोखा इतिहास’ — 7 दिनों में कुर्सी पर बैठे 4 DEO
Bhind Education Department Scam भिंड शिक्षा विभाग में पिछले कुछ दिनों के भीतर जो प्रशासनिक ड्रामा देखने को मिला, उसने ट्रांसफर और प्रभार की नीतियों का मज़ाक बनाकर रख दिया है। महज़ एक हफ्ते के भीतर जिले ने चार जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) देख लिए:
- 18 जून: तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी आर.डी. मित्तल का भिंड से तबादला कर दिया गया।
- 19 जून: नवागत प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में सुधांशु द्विवेदी ने जिले का पदभार ग्रहण किया। लेकिन, वे तुरंत ही अपना प्रभार डाइट (DIET) प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा को सौंपकर खुद छुट्टी (अवकाश) पर चले गए।
- 23 जून: इधर, भोपाल स्थित आयुक्त लोक शिक्षण (DPI) ने विभागीय जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानांतरित हो चुके तत्कालीन DEO आर.डी. मित्तल को निलंबित (Suspend) कर दिया।
- 24 जून (बड़ा खेल): निलंबन के अगले ही दिन आर.डी. मित्तल नियमविरुद्ध तरीके से भिंड कार्यालय पहुंचे और बैक-डेट या अनाधिकृत हैसियत से कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद उन्होंने गैर-कानूनी ढंग से जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी का प्रभार सहायक संचालक आशा शुक्ला को सौंप दिया और खुद ग्वालियर रवाना हो गए।
Bhind Education Department Scam केस 2: नियम-कायदे ताक पर, एक ही जूनियर शिक्षक पर मेहरबान हुआ विभाग
भिंड शिक्षा विभाग में भाई-भतीजावाद और चहेतों को मलाईदार कुर्सियां सौंपने का खेल भी धड़ल्ले से चल रहा है। इसकी जीती-जागती मिसाल हैं उच्च माध्यमिक शिक्षक आनंद स्वरूप शर्मा। विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर अकेले शर्मा को कई बड़े प्रभारों से नवाज रखा है:
- मूल पदस्थापना: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भारौली कला में उच्च माध्यमिक शिक्षक।
- अतिरिक्त प्रभार 1: भारौली कला विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य।
- अतिरिक्त प्रभार 2: संकुल केंद्र, खैरोली के प्रभारी।
- अतिरिक्त प्रभार 3: संकुल केंद्र, कनाथर के प्रभारी।
- अतिरिक्त प्रभार 4: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्रभारी प्राचार्य का सबसे बड़ा पद।
Bhind Education Department Scam केस 3: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, स्कूल से शिक्षक नदारद
एक तरफ प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा के पास जिले के चार-चार बड़े प्रशासनिक पदों का जिम्मा है, वहीं दूसरी तरफ उनकी मूल पदस्थापना वाले स्कूल (भारौली कला) में नौनिहालों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है।
शर्मा मूल रूप से इतिहास विषय के शिक्षक हैं और उनके स्कूल में इतिहास के एक दर्जन से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन, शर्मा के प्रशासनिक दौरों और मलाईदार कुर्सियों पर व्यस्त रहने के कारण स्कूल में बच्चों को इतिहास पढ़ाने वाला कोई नहीं है। विभाग की यह घोर लापरवाही साफ दर्शाती है कि अफसरों को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
अब देखना यह होगा कि इस अराजकता और ‘फाइल साइनिंग स्कैम’ के सामने आने के बाद भोपाल मुख्यालय इस पर क्या कड़ा एक्शन लेता है।
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