AC Fire Safety : AC में आग लगने की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
AC Fire Safety : गर्मियों में एयर कंडीशनर अब लग्जरी नहीं, जरूरत बन चुका है। लेकिन इसके साथ एक गंभीर खतरा भी तेजी से सामने आ रहा है, एसी में आग लगने और ब्लास्ट जैसी घटनाएं। नोएडा, दिल्ली और कई अन्य शहरों में हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें एसी से लगी आग ने बड़े अग्निकांड का रूप ले लिया। सवाल यह है कि बार-बार चेतावनी और रख-रखाव के बाद भी ऐसी घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?

AC Fire Safety : खराब या लूज वायरिंग सबसे बड़ा खतरा
एयर कंडीशनर हाई पावर उपकरण है और इसे चलाने के लिए मजबूत इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जरूरत होती है। यदि वायरिंग पुरानी, जर्जर या लूज हो, तो शॉर्ट-सर्किट और स्पार्किंग का खतरा बढ़ जाता है।
क्या करें?
एसी के लिए हैवी-ड्यूटी वायरिंग का इस्तेमाल करें।
पुरानी वायरिंग तुरंत बदलवाएं।
हमेशा ISI मार्क वाले तार ही लगवाएं।
AC Fire Safety : सर्विसिंग में लापरवाही
समय पर सर्विसिंग न होने से एसी के कूलिंग क्वॉइल और फिल्टर गंदे हो जाते हैं। इससे कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और वह ओवरहीट हो सकता है।
ध्यान रखें
हर सीजन में एसी की सर्विस कराएं।
कूलिंग क्वॉइल साफ रखें।
गैस लीक की जांच करवाते रहें।
AC Fire Safety : गलत इंस्टॉलेशन भी बनता है कारण
कई बार एसी का आउटडोर यूनिट ऐसी जगह लगा दिया जाता है जहां पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं मिलता। इससे यूनिट ज्यादा गर्म होती है और आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है।
सुरक्षा के लिए
आउटडोर यूनिट खुली जगह में लगवाएं।
सीढ़ियों या बंद कोनों में यूनिट न लगाएं।
पर्याप्त एयरफ्लो सुनिश्चित करें।
AC Fire Safety : एसी का गलत इस्तेमाल
बहुत से लोग तेज गर्मी में एसी को 16-17 डिग्री पर लगातार कई घंटों तक चलाते हैं। इससे कंप्रेसर पर अत्यधिक लोड पड़ता है।
विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
एसी को 24-26 डिग्री पर चलाएं।
हर 5-6 घंटे में थोड़ी देर बंद करें।
ऑटो मोड का इस्तेमाल करें।
कमरे में अच्छा इंसुलेशन रखें।
AC Fire Safety : फायर सेफ्टी की कमी
विशेषज्ञों का मानना है कि कई रेसिडेंशियल और कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अग्निशामक यंत्र या तो लगे ही नहीं हैं या काम नहीं कर रहे। यही वजह है कि छोटी आग भी तेजी से फैल जाती है।
AC Fire Safety : सबसे जरूरी सावधानियां
हर साल प्रोफेशनल सर्विसिंग कराएं।
वायरिंग की जांच जरूर कराएं।
आउटडोर यूनिट को खुली जगह में लगाएं।
तापमान 24 डिग्री से कम न रखें।
घर और सोसाइटी में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच करें।

