MP Youth Parliament 2026 : राजनीति में आगे आएं युवा, लोकतंत्र को करें मजबूत,लोकतंत्र, संसदीय परम्परा, नीति निर्माण समझें युवा
MP Youth Parliament 2026 : देश के युवाओं को राजनीति में आकर अपनी सक्रिय भागीदारी करनी होगी। युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं। ये कहना है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का। भोपाल में आयोजित यूथ पार्लियामेंट 2026 के आयोजन में युवाओं ने संसद-विधानसभा की कार्यवाही का मंचन करते हुए प्रश्नकाल, विधेयकों पर चर्चा और सत्ता-विपक्ष की भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा संसद का आयोजन लघु भारत की तरह है, देश के युवाओं को राजनीति में आकर अपनी सक्रिय भागीदारी करनी निभानी चाहिए।देश के युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को लोकतंत्र, संसदीय परम्परा और नीति निर्माण से जोड़ने की पहल अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अनेकता में एकता, सबका साथ सबका विकास सबके विश्वास और सबके प्रयास एवं जियो और जीने दो के भाव से आगे बढ़ रहा है। यह केवल शब्दों से नहीं हो सकता है। इसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्प शक्ति की आवश्यकता है।
MP Youth Parliament 2026 : मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है और भारत दुनिया का सबसे युवा देश है।देश और प्रदेश का सदन कल्याणकारी नीतियों का निर्माण करने वाला पवित्र स्थान है।इस युवा संसद में बेटियों की सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण है। हमारी संस्कृति में वसुधैब कुटुम्बकम का भाव समाहित है। वक्ताओं ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।लोकतंत्र को और सशक्त बनाने के लिए युवाओं का राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आगे आना जरूरी है। यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजन युवाओं को संसदीय कार्यप्रणाली समझने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में युवाओं ने देश के विकास, लोकतंत्र और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार रखे। साथ ही जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प भी लिया। ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ के आयोजन में 12 राज्य और 58 नगरों के युवाओं ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम में देशभर से युवा प्रतिभागी संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संसदीय शैली में विचार-विमर्श किया।

