Amarwara में प्राइवेट स्कूलों को खुली छूट, जांच के नाम पर प्रशासन की खानापूर्ति, अभिभावक जाएं तो जाएं कहां ?

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
amarwara-school-negligence-case

रिपोर्ट- राकेश चांदवंशी

Amarwara : छिंदवाड़ा, जनपद शिक्षा केंद्र अमरवाड़ा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्षेत्र के सिंगोड़ी ग्राम में संचालित ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल पंचायत की अनुमति के बिना ही संचालित हो रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। भवन अधूरा है और आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चे परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।

Amarwara सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल संचालक अच्छी शिक्षा का दावा कर अभिभावकों से मोटी फीस वसूल रहे हैं, जबकि जमीन पर सुविधाएं और गुणवत्ता दोनों ही सवालों के घेरे में हैं स्कूल में शिक्षा देने के लिए योग शिक्षक भी नहीं है अभिभावकों का कहना है कि फीस के नाम पर लगातार दबाव बनाया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप न तो पढ़ाई का स्तर है और न ही व्यवस्थाएं।

Amarwara ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जनपद शिक्षा केंद्र द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है प्रशासन से कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित स्कूल संचालक पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

Amarwara अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित करता है। ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल सिंगोड़ी का मामला संज्ञान में है किसी को स्कूल पहुंच कर जांच करवा लेते हैं श्री वर्मा कहना है लेकिन इनकी जांच सिर्फ कारण बताओं नोटिस तक ही सीमित कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण प्राइवेट स्कूलों में मनमानी सब दिखाई दे रही है लेकिन इस बार विभाग कितना सख्त कार्रवाई करेगा यह तो बेरहाल कहना नामुमकिन है.

ये भी जानिए Census 2027 : लोकतंत्र की मजबूती, जनगणना, परिसीमन जरूरी

Kailash Sarang Jayanti: कैलाश सारंग जयंती पर सेवा, सम्मान और संस्कारों का अनूठा संदेश

Kailash Sarang Jayanti: पुष्पांजलि एवं शरबत वितरण के माध्यम से मनाई गई