कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
रिपोर्ट: वैभव चौधरी
धमतरी, 28 मई — छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक ओर ज़मीन की खरीदी-बिक्री, नामांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया को आसान बनाकर लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर धमतरी में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। जिले के एक निवासी ने जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सुशासन तिहार के तहत लगे समाधान शिविर में शिकायत दर्ज कराई है।
धमतरी शहर निवासी शिवा प्रधान ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक ज़मीन खरीदी है, जिसके नामांतरण के लिए उन्होंने पटवारी कार्यालय, धमतरी में आवेदन जमा किया। लेकिन आवेदन के बाद, कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी ने उनसे ₹4,000 की मांग की।
शिवा प्रधान के अनुसार, जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया और आपत्ति जताई, तो कर्मचारी ने जवाब दिया कि “ये पैसा पटवारी और तहसीलदार तक जाता है, इसलिए देना ही पड़ेगा, तभी आपका काम हो पाएगा।” इस कथन से व्यथित होकर शिवा प्रधान ने तत्काल समाधान शिविर में पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
शिवा प्रधान की शिकायत के बाद धमतरी कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। जहां एक ओर सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में प्रयासरत है, वहीं कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के आचरण से आम जनता को अभी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।





